जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले ओएफके कर्मचारियों का क्रमिक धरना शुक्रवार को तीसरे दिन भी शुरू हुआ। दोपहर बाद प्रशासन की ओर से बढ़ाए गए हाथ के बाद प्रदर्शनकारियों ने भी नरमी दिखाई और फिर प्रदर्शन समाप्त हो गया। इससे पहले ओएफके प्रबंधन की ओर से एक लिखित आश्वासन संयुक्त संघर्ष समिति को देना पड़ा।

धरना-प्रदर्शन शुक्रवार की सुबह भी अपने समय पर शुरू हुआ। लेकिन दोपहर होते-होते महाप्रबंधक अशोक कुमार की ओर से संयुक्त संघर्ष समिति के नेताओं को चर्चा के लिए बुलावा मिल गया। श्रमिकों की ओर से लेबर यूनियन के अर्नब दास गुप्ता, पुष्पेंद्र सिंह, कामगार यूनियन से राजेंद्र चड़ारिया, प्रेमलाल सेन एवं एससी/एसटी यूनियन से हरिहर सिंह मीणा व शशि भूषण पासवान ने इस चर्चा में भाग लिया। चर्चा के दौरान महाप्रबंधक अशोक कुमार ने कहा कि निर्माणी के पास उत्पादन लक्ष्य पूरा करने के लिए बहुत कम समय बचा है। निर्माणी सभी की है, इसलिए सभी को एकजुटता के साथ उत्पादन में लगना चाहिए। लगभग दो घंटे तक चली बैठक के बाद महाप्रबंधक ने कहा कि श्रमिकों की अधिकांश मांगों पर फैसला हो चुका है। शेष मांगों पर भी गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा। चर्चा के बाद उनकी ओर से निर्माणी के तमाम जिम्मेदार अफसरों को धरना-स्थल पर भेजा गया, कुछ देर बाद वो खुद भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान संयुक्त संघर्ष समिति के नेताओं को प्रबंधन की ओर से आश्वासन-पत्र भी सौंपा गया। इसके साथ ही संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी गई।

अंतिम दिन ये शामिल हुए

धरना प्रदर्शन में अंतिम दिन राकेश रंजन, अरुण मिश्र, कृष्ण कुमार शर्मा, संजीव सिंह, शिवेंद्र रजक, राकेश शर्मा, सुरेश कन्नाा, अजीत सोरेन, विजय कुमार, दिलखुश मीणा आदि सहित अनेक लोग शामिल रहे।

Posted By: Jitendra Richhariya

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