जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना काल के बाद यात्रियों को राहत देने के लिए रेलवे ने पूरी रफ्तार के साथ ट्रेनों को चलाया। स्पेशल ट्रेनों को नियमित किया, ट्रेनों में जनरल टिकट की सुविधा भी दी, लेकिन एक बार फिर रेलवे ने ट्रेनाें को रद करना शुरू कर दिया है। कई ट्रेन पिछले दो से तीन माह से रद चल रही हैं और आने वाले एक माह तक रद रहेंगी। इन ट्रेनों के न चलने से यात्री परेशान हैं। जबलपुर से अंबिकापुर जाने के लिए सिर्फ एक ही इंटरसिटी चल रही थी, लेकिन इसे भी पिछले दो माह से लगातार रद किया जा रहा है। और फिर इसे 25 जून तक के लिए रद कर दिया है। अब जबलपुर से अंबिकापुर जाने कोई ट्रेन नहीं है। दोनों शहरों के बीच रेल नेटवर्क टूट गया है। शादी और गर्मी की छुटि्टयों को लेकर जबलपुर से अंबिकापुर आने-जाने वालों को यहां पहुंचना मुश्किल हो गया है।

चार ट्रेनों को किया गया रद

जबलपुर से लगे बिलासपुर रेल जोन ने एक बार फिर ट्रेनों को रद करने का टाइम टेबल जारी कर दिया है। इसमें पहले से रद चल रही जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी को 23 जून तक के लिए रद किया गया है। यात्री ने उम्मीद लगाई थी कि इस ट्रेन को 25 मई से फिर शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन इसे जून तक के लिए फिर न चलाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा ट्रेन 18236/18235 भोपाल-बिलासपुर-भोपाल को भी 23 जून तक रद किया गया है। गाड़ी संख्या 18247 बिलासपुर-रीवा और गाड़ी संख्या 18248 रीवा-बिलासपुर को भी रद किया गया है। इसके अलावा रानी कमलापति-संतरागाछी हमसफ़र और संतरागाछी-रानी कमलापति को भी 23 जून तक रद किया है।

कोयला पहले, यात्री बाद में

जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी जबलपुर रेल मंडल की ट्रेन है, लेकिन इसका अधिकतर ट्रैक बिलासपुर रेलवे जोन से होकर गुजरता है, इसलिए इसे रद करने का निर्णय भी बिलासपुर जोन का ही है। इन दिनों पावर प्लांट में कोयला भेजने के लिए बिलासपुर रेल जोन ने तेजी से काम किया है। इस वजह से यात्री ट्रेनों को रद किया जा रहा है। इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। रेलवे से जुड़े जानकारों का कहना है कि बारिश के बाद ही कोयल की जरूरत में कमी आएगी, जिसके बाद मालगाडि़यों की संख्या में कटौती कर यात्री ट्रेनों को चलाया जाएगा, लेकिन अभी इनके चलने की संभावना कम है।

अंबिकापुर जाने पांच गुना किराया

जबलपुर से अंबिकापुर के लिए सिर्फ एक ही ट्रेन है, जो प्रतिदिन दोपहर एक बजे जबलपुर से चलकर रात को 11 बजे पहुंचती है। इसके अलावा इस रूट पर कोई और ट्रेन नहीं है। नियमित जाने वाले पिछले दो माह से निजी वाहनों से आ और जा रहे हैं। उन्होंने ट्रेन की तुलना में पांच से छह गुना किराया देना पड़ रहा है। यहां रूट पर कुछ बस ही चल रही हैं, जिनका सफर नरक से कम नहीं है। किराया हजार रुपये से भी अधिक।

यह आ रही मुश्किल

- जबलपुर-अंबिकापुर जाने एक भी ट्रेन नहीं

- नियमित यात्री नहीं जा पा रहीे अंबिकापुर

- बस का किराया पांच गुना ज्यादा

- निजी वाहनों से तय कर रहे सफर

- एक माह और रहेगी मुश्किल

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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