जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी सीएम राइज स्कूल योजना को लेकर विरोध का स्वर तेज होता जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि योजना बेहतर होने के बावजूद इसे फेल करने की पूरी तैयारी नजर आ रही है। आलम यह है कि पदस्थापना के नाम पर मनमाने तबादले किए जा रहे हैं। इससे असंतोष बढ़ता जा रहा है। हाई कोर्ट में एक के बाद एक याचिकाएं दायर हो रही हैं। अंतरिम आदेश पारित हो रहे हैं। इससे पूरी योजना कठघरे में चली गई है। तरह-तरह के सवाल उठने लगे हैं। पिछले दिनों हाई कोर्ट ने सीएम राइज स्कूल में पदस्थ प्राचार्य अशोक कुमार झारिया प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिछिया जिला मंडला के स्थानांतरण आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी।

इसी तरह उप प्राचार्य के पद पर निधि सिंह के तबादले पर भी स्थगन प्रदान कर दिया।न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी व जस्टिस विशाल धगट की अलग-अलग एकलपीठों ने स्कूल शिक्षा विभाग व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता सत्येंद्र ज्योतिषी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि सीएम राइज स्कूल में स्थानांतरण-पदस्थापना को लेकर भारी मात्रा में अनियमितता एवं घोर लापरवाही बरती जा रही है। अशोक कुमार झारिया प्राचार्य शासकीय माडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिछिया जिला मंडला में कार्यरत हैं। उनका चयन सीएम राइज स्कूल मैं हुआ था। योजना के नियम के अनुसार आवेदक की पदस्थापना उसी स्कूल में होना चाहिए था जहां वह कार्यरत है क्योंकि उसने च्वाइस फिलिंग में उसी स्कूल की च्‍वाइस फिलिंग की थी।

अनावेदकों द्वारा आवेदकों की पदस्थापना-

स्थानतरण उस स्कूल में ना करके शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बीजाडांडी जिला मंडला में कर दिया, जो कि उसकी पदस्थापना से 100 किलोमीटर दूर है। इसी तरह निधि सिंह जो कि उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर जबलपुर में कार्य कर रही है उनका स्थानांतरण-पदस्थापना उप प्राचार्य के पद पर चरगवां कर दिया गया है।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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