जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। राजस्व से जुड़े प्रकरणों को समाधान करने की रफ्तार इन दिनों तेज कर दी गई है। इस वजह से कई प्रकरण एक ही पेशी में निपट रहे है। बुधवार को अनुविभागीय राजस्व अधिकारी सिहोरा आशीष पांडे ने भूमि विवाद संबंधी अपील के एक प्रकरण में बुधवार को पहली सुनवाई के दौरान ही फैसला देते हुए राजस्व अभिलेखों में खरीदार का नाम दर्ज करने के आदेश जारी किया है। एसडीएम आशीष पांडे ने बताया कि दर्शनी टोला तहसील मझौली निवासी शांतिबाई कलार पति सुशील कुमार नौ जून 2011 को सविता बाई उर्फ सावित्री बाई से रजिस्टर्ड बैनामा के द्वारा आठ हजार रुपये में राजस्व निरीक्षक मंडल पौंडा की खसरा नंबर 972/2 की 0.20 हेक्टयर कृषि भूमि अपने नाबालिग पुत्रों शिवम नाबा एवं सायम नाबा के नाम पर क्रय की थी।

नायब तहसीलदार खारिज कर दिया था : एसडीएम ने बताया कि शांतिबाई कलार ने रजिस्टर्ड बैनामा पत्र के आधार पर नायब तहसीलदार मझौली के समक्ष आवेदन पत्र प्रस्तुत कर भू-अभिलेख में खरीददार का नाम दर्ज करने का आवेदन दिया था, जिसे नायब तहसीलदार मझौली द्वारा विधि विरूद्ध आदेश पारित कर सात सितंबर 2021 को खारिज कर दिया गया था। नायब तहसीलदार मझौली के आदेश के विरूद्ध शांतिबाई द्वारा अनुविभागीय राजस्व अधिकारी न्यायालय में अपील प्रस्तुत की गई। इस प्रकरण की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों के बीच किसी तरह का कोई विवाद नहीं पाया गया, जिस वजह से पहली पेशी में ही नायब तहसीलदार न्यायालय मझौली के आदेश को निरस्त कर रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के अनुसार भूमि शांतिबाई के पुत्रों शिवम नाबा एवं सत्यम नाबा का भू-अभिलेख के नाम दर्ज करने का आदेश पारित कर दिया।

Posted By: Brajesh Shukla

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