रामकृष्ण परमहंस पांडेय. जबलपुर। दर्द निवारक दवा के रूप में उपयोगी इंजेक्शन फर्जी फर्मों के जरिए नशेड़ियों को बेचे जा रहे हैं। जबलपुर में एक ऐसी ही फर्जी फर्म का पता चला है। अहमदाबाद की दवा निर्माता कंपनी ने दिल्ली के सप्लायर के माध्यम से कागजों में संचालित फर्म के नाम पर बड़ी मात्रा में दर्द निवारक इंजेक्शन की आपूर्ति की थी। इंजेक्शन की खेप बिचौलियों के माध्यम से नशेड़ियों को बेची जाती रही। अवैध कारोबार का खुलासा पुलिस की कार्रवाई से हुआ। पुलिस ने नशे के इंजेक्शन का धंधा करने वाले तत्वों को पकड़ा था, जिनसे पूछताछ में लालमाटी जबलपुर स्थित फर्म का पता चला।

आपूर्ति पर रोक-

औषधि निरीक्षक फर्म की पतासाजी में जुटे तो संबंधित पते पर कोई दुकान नहीं मिली। यह जानकारी सामने आई कि फर्म का संचालन कागजों में किया जा रहा था। फर्म के नाम पर खरीदे गए दर्द निवारक बुपिन इंजेक्शन किसी अस्पताल को सप्लाई न कर नशेडि़यों को बेचे जा रहे थे। फर्म का पंजीयन एक महिला के नाम पर मिला। महिला की शादी हो चुकी है, जिसके बाद फर्म का संचालन उसका भाई करने लगा। ड्रग इंस्पेक्टर के पत्राचार के बाद कंपनी ने उक्त फर्म के नाम पर इंजेक्शन की आपूर्ति रोक दी है। दवा निर्माता कंपनी व सप्लायर से ड्रग इंस्पेक्टर ने पूछा है कि कागजों में संचालित उक्त फर्म को किस आधार पर इंजेक्शन की आपूर्ति की जा रही थी। पंजीयन दिनांक से लेकर दिसंबर 2021 तक फर्म को बेेचे गए इंजेक्शन की जानकारी कंपनी व सप्लायर से मांगी गई है। अधिकारी जवाब का इंतजार कर रहे हैं। फर्म संचालक महिला की तलाश की जा रही है, जिसके दमोह जिले में होने का पता चला है।

यह है मामला-

दिसंबर 2021 में पुलिस ने नशे के इंजेक्शन बेचने वाले तत्वों को पकड़ा था। शीतलामाई कुम्हार मोहल्ला में दो तत्व मोपेड से घूमकर नशेड़ियों को इंजेक्शन बेच रहे थे। पुलिस ने सिद्धबाबा घमापुर निवासी अभिलाष सिंह राजपूत (23) व शीतलामाई मंदिर के पास निवासी सुधीर शर्मा (26) को पकड़ा था। माेपेड की डिक्की में रखे 100 नग एविल व 100 नग बुपिन इंजेक्शन जब्त किए गए थे। 5/13 ड्रग्स कंट्रोल एक्ट एवं 18 सी औषधि प्रशासन अधिनियम का अपराध पंजीबद्ध किया गया था। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा के निर्देश पर इंजेक्शनों की खरीदी का स्राेत पता लगाने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग से पुलिस ने पत्राचार किया था।

नशेड़ियों ने बताया-

इंजेक्शन का नशा करने वाले नशेड़ियों से पुलिस ने पूछताछ की। उन्होंने बताया कि शराब की कीमत ज्यादा होेने के कारण वे इंजेक्शन काे नशे के रूप में उपयोग करते हैं। दर्द निवारक बुपिन इंजेक्शन में एंटी एलर्जिक एविल इंजेक्शन मिलाकर वे नस में लगाते हैं। बुपिन इंजेक्शन का आठ एमएल तथा एविल के दो एमएल इंजेक्शन का मिश्रित डोज नशा करने के लिए पर्याप्त रहता है। अकेले बुपिन इंजेक्शन का डोज ज्यादा नशा करता है तथा हानिकारक होता है।

संचालन कागजों में ही मिला

बुपिन इंजेक्शन की आपूर्ति लालमाटी क्षेत्र स्थित एक फर्म के नाम पर की जाती थी। संबंधित पते पर जाकर जानकारी ली गई तो उसका संचालन कागजों में मिला। इंजेक्शन का निर्माण अहमदाबाद की एक कंपनी द्वारा किया जाता है। दिल्ली में बैठे सप्लायर के माध्यम से जबलपुर की फर्म को इंजेक्शन की आपूर्ति का पता चला है। मामले की जांच की जा रही है।- देवेंद्र कुमार जैन, ड्रग इंस्पेक्टर

---------------

क्या है बुपिन इंजेक्शन-

इसका उपयोग दर्द निवारक दवा के रूप में किया जाता है। आपरेशन के बाद होने वाली तकलीफ कम करने में उपयोगी।

इंजेक्शन के दुष्प्रभाव-

सिरदर्द, पसीना आना, मतली आना, नाक से पानी का रिसाव, कब्ज, दस्त, उल्टी होना, शारीरिक कमजोरी, अनिद्रा।

इस स्थिति में इंजेक्शन का उपयोग हानिकारक-

सांस संबंधी समस्या, मस्तिष्क रोग, लो ब्लडप्रेशर, पेशाब संबंधी समस्या, शराब का सेवन, सिर की चोट, नाबालिग अवस्था में सेवन।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close