जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। जबलपुर से शुरू हुई कोरोना महामारी के संक्रमण से बीते कई दिनों से राहत मिल रही है। प्रदेश के पहले चार कोरोना पॉजिटिव मरीज 20 मार्च 2020 को जिले में मिले थे। सबसे पहले कोरोना की दस्तक के बावजूद वायरस से संक्रमण की रिकवरी दर में जबलपुर प्रदेश के टॉप-5 जिलों में दूसरे नंबर पर है। रिकवरी में ग्वालियर पहले नंबर पर है, परंतु वहां जबलपुर की तुलना में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या ज्यादा रही। कोरोना से रिकवरी दर में तीसरे, चौथे व पांचवें स्थान पर क्रमश: खरगौन, इंदौर व भोपाल हैं।

सरकारी व निजी अस्पतालों में 95 फीसद पलंग खाली: कोरोना महामारी के संक्रमण से राहत मिलने के कारण नए मरीजों की संख्या औंधे मुंह गिरी है। जनवरी माह के ज्यादातर दिन कोरोना के जितने नए मरीज मिले उससे ज्यादा लोगों को संक्रमण से मुक्त होने पर अस्पताल से छुट्टी दी गई। हालात यह है कि सरकारी व निजी अस्पतालों के कोविड-19 वार्डों में उपलब्ध 2 हजार 177 पलंग में से 2 हजार 73 यानी 95 फीसद से ज्यादा रिक्त पड़े हैं। अस्पतालों के कोविड वार्डों में मरीजों के लिए तीन श्रेणी के वार्ड बनाए गए हैं। जिनमें ऑक्सीजन सुविधा सहित, ऑक्सीजन सुविधा रहित व गहन चिकित्सा इकाई के वार्ड हैं। चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होने के कारण नए मरीजों की संख्या में कमी आई है।

प्रशासन, पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के प्रयास:

- पुलिस ने लोगों को शारीरिक दूरी बनाए रखने व मास्क लगाने का पाठ पढ़ाया। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की गई। जिसके बाद ज्यादातर लोग मास्क में नजर आने लगे।

-कोविड-19 के निर्देशों का पालन कराने के लिए प्रशासन रोको-टोको अभियान चला रहा है। मास्क व शारीरिक दूरी के निर्देश का पालन न करने वालों के खिलाफ जिले भर में कार्रवाई की जा रही है। रोजाना हजारों रुपये का जुर्माना वसूला जा रहा है।

-प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने डोर-टू-डोर सर्वे के जरिए घर बैठे लोगों की सेहत का पता लगाया। कोरोना के संभावित लक्षण मिलने पर लोगों की जांच कराते हुए क्वारेंटाइन व आइसोलेशन में रखा गया। जिले भर में लाखों नागरिकों की जांच की गई। जिन लोगों में कोरोना का ज्यादा खतरा सामने आया उन्हें समय रहते अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिससे मृत्यु दर में कमी आई।

-जिले भर में जगह-जगह फीवर क्लीनिक खोलकर लोगों को बिना देर किए उपचार व कोरोना जांच की सुविधा उपलब्ध कराई। वृद्धजन सुरक्षा अभियान के जरिए 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की सेहत पर नजर रखी गई। कोविड कमांड सेंटर में पदस्थ चिकित्सक उनसे फोन पर संपर्क कर सेहत का पता लगाते रहे।

टॉप-5 जिले (आंकड़े 17 जनवरी सायं चार बजे तक)

जिला कुल संक्रमित मृत्यु सक्रिय मरीज रिकवरी फीसद

इंदौर 57012 918 1567 95.6

भोपाल 41563 597 1973 93.8

ग्वालियर 16286 216 254 97.1

जबलपुर 16022 248 383 96.6

खरगौन 5330 102 100 96.2

जबलपुर में माहवार रिकवरी-

माह कुल मरीज स्वस्थ रिकवरी फीसद

मार्च 8 0

अप्रैल 87 7 8.4

मई 239 176 73.6

जून 405 323 79.7

जुलाई 1304 829 63.5

अगस्त 4234 3140 74.1

सितंबर 10025 8596 85.7

अक्टूबर 12807 11976 93.5

नवंबर 14259 13422 94.1

दिसंबर 15536 14836 95.5

जनवरी 16057 15454 96.2 (18 तारीख तक)

यह स्थिति है अस्पतालों की-

विवरण शासकीय अस्पताल निजी अस्पताल

उपलब्ध-रिक्त उपलब्ध-रिक्त

ऑक्सीजन रहित 59-54 30-15

ऑक्सीजन सहित 727-697 458-448

आइसीयू 276-250 627-609

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कोरोना महामारी के खतरे से लोगों को बचाने के लिए पुलिस सक्रिय रही। लोगों को मास्क लगाने व शारीरिक दूरी का पालन करने की नसीहत दी गई। जिन्होंने लापरवाही की उनके खिलाफ जुर्माना की कार्रवाई की गई।

सिद्धार्थ बहुगुणा, एसपी

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निश्चित ही कोरोना वायरस के संक्रमण से वर्तमान में राहत मिली है। बीते कुछ महीनों जैसा खतरा सामने नहीं आया। मास्क व शारीरिक दूरी के प्रति लोगों जागरुकता बरकरार रखनी होगी। संपूर्ण टीकाकरण होने तक कोरोना से सावधानी आवश्यक है।

डॉ. रत्नेश कुरारिया, सीएमएचओ

Posted By: Ravindra Suhane

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