जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश कंपोजिट टेक्निकल रेजीमेंट के प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल राजेश रावत के नेतृत्व में 4-एमपीसीटीआरके एनसीसी कैडेट्स ने भारत छोड़ो आंदोलन की थीम पर पोस्टर-मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित हुई। इस प्रतियोगिता में भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में से एक- भारत छोड़ो आंदोलन पर एक से बढ़कर एक शानदार प्रविष्टियां शामिल रहीं।

इस प्रतियोगिता के उत्कृष्ट पोस्टर को ग्रुप हेड-क्वार्टर प्रेषित किया जाएगा। जो प्रविष्टिय़ां वहां पर भी चयनित होंगी उनको एडीजी भोपाल भेजा जाएगा। इस प्रतियोगिता के आयोजन में कैप्टन डा. प्रदीप दुबे, सूबेदार भरत यादव, नायब सूबेदार विनोद घाडगे व मुकेश कुमार, आरएचएम विकास पाटिल, सीएचएम श्याम गोखले का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

ईपीएफओ में निधि आपके निकट शिविर का आयोजन 10 को

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन क्षेत्रीय कार्यालय, जबलपुर में 10 अगस्त को ‘निधि आपके निकट’ पेंशन अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान जबलपुर रीजन के निजी संस्थानों के नियोक्ताओं, भविष्य निधि सदस्यों और पेंशनरों की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। यह लोक अदालत क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त की अध्यक्षता में बुधवार को सुबह 11 से एक बजे तक क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय में आयोजित की जा रही है। आयुक्त राकेश सहरावत ने बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि के सदस्य, पेंशनर एवं नियोक्ता अपनी शिकायतों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर या डाक द्वारा या ई-मेल पर दे सकते हैं। आवेदन या शिकायत भेजते समय लिफाफे के ऊपर "निधि आपके निकट" अथवा "पेंशन अदालत’ लिखना आवश्यक है। ताकि उनके प्रकरणों को तदानुसार निराकृत किया जा सके।

कोरोना योद्धाओं की नहीं हुई पदोन्नाति .

जबलपुर। मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने कहा कि कोरोना योद्वाओं की पदोन्नाति नहीं की गई। स्वास्थ्य विभाग के कोरोना योद्वा कहे जाने वाले एमपीडब्ल्यू एएनएम सुपरवाइजर, एलएचवी, लैब टेक्नीशियन , फार्मासिस्ट कंपाउंडर, मलेरिया निरीक्षकों और बीईई की पदोन्नाति की लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। कोरोना योद्वा अपने मूलपद पर लगभग 20 वर्षों से कार्य कर रहे हैं और उन्हें एक भी पदोन्नाति का लाभ आज तक नहीं मिला है। जबकि पदोन्नाति से शासन को किसी भी प्रकार का वित्तीय भार भी नहीं आयेगा। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को अन्य विभागों के कर्मचारियों से समकक्ष योग्यता रखने के बावजूद कम वेतन प्राप्त हो रहा है। वर्षों से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की वेतन विसंगति का निराकरण लंबित है। कोरोना योद्धाओं ने कोरोना काल में लगातार 24 घंटे अपनी सेवायें देकर जनहिताय कार्य किया है। शासन द्वारा उनकी सेवाओं को अनदेखा कर निराश किया जा रहा है।

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