जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। ठंड का दौर शुरू हो चुका है। इस मौसम में कोहरे का सबसे ज्यादा असर ट्रेनों पर होता है। उत्तर भारत में अधिकांश ट्रेन कोहरे की वजह से घटों देरी से चलती हैं। इसलिए रेलवे ने पैसेंजर टिकट मैनेजमेंट सिस्टम क्रिस के साथ मिलकर यह तय किया है कि एक घंटे से ज्यादा ट्रेन लेट होने पर यात्रियों के पास एसएमएस से सूचना दी जाएगी। उत्तर भारत में 15 दिसंबर के बाद से कोहरा शुरू हो जाता है। इससे ट्रेन भी लेट होना शुरू हो जाती हैं। उत्तर भारत से जो ट्रेन लेट होती हैं वह अपने निर्धारित स्टेशन तक देरी से पहुंचती है। कई-कई घंटे ट्रेन के देरी से चलने के कारण ट्रेन के अंदर बैठे यात्रियों के साथ रेलवे स्टेशनों पर इंतजार कर रहे यात्री भी परेशान होते हैं, लेकिन अपनी बर्थ आरक्षित करने वाले यात्रियों को ट्रेन के एक घंटे से अधिक देरी से चलने पर उनके मोबाइल में एसएमएस से सूचना दी जाएगी। इसके लिए आरक्षण फार्म में उन्हें अपना मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से लिखना होगा।

कोहरे का असर कम करने ये भी उपाय किए जा रहे

उत्तर भारत जाने वाली कई ट्रेनों के इंजनों में एंटी फॉग डिवाइस लगाई गई है, जो घने कोहरे में भी ड्राइवर को सीधा रास्ता दिखाने में मदद करेगी। वहीं पारंपरिक उपाय के तहत रेलवे के लाइनमैन को डेटोनेटर भी मुहैया कराए जा रहे हैं जो घने कोहरे के दौरान सिग्नल के पास पटरियों में लगाया जाता है। ताकि इंजन के उसके ऊपर से गुजरते ही उसमें धमाका हो और ड्राइवर सचेत हो जाए।

ठंड में ट्रेनों के एक घंटे से ज्यादा देरी होने पर यात्रियों के मोबाइल में एसएमएस से सूचना पहुंच जाएगी। इसके लिए रेलवे द्वारा तैयारी की जा रही है। रेलवे ट्रेनों की लेटलतीफी रोकने काफी हद तक कामयाब रहा है। इस बार ठंड के मौसम में ट्रेन देरी से न चलें इसकी लगातार कोशिश रेलवे द्वारा की जा रही है। -प्रियंका दीक्षित, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पश्चिम मध्य रेलवे

Posted By: Prashant Pandey