जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। सूरज की गर्मी के आगे इंसान क्या विमानों का भी दम फूल रहा है। तापमान जितना अधिक होता है, विमानों को विमान को एयरपोर्ट से टेकआफ करने में उतनी परेशानी होती है। ऐसे में विमान का भार कम करना होगा। इस वजह से कई बार यात्रियों का लगेज लिए बगैर ही विमान को उड़ान भरनी पड़ती है। पिछले तीन घटना ऐसी हुई, जिसमें यात्री का लगेज लिए बगैर ही विमान ने उड़ान भर दी। हाल ही में स्पाइस जेट के विमान ने बैंगलुरु के लिए उड़ान भरी। इस विमान में यात्री के सामान को नहीं लिया गया। अब स्पाइस जेट के अधिकारी कह रहे हैं कि तापमान अधिक होने की वजह से ऐसा किया जाता है। इस संबंध में पैंसेजर को भी जानकारी दी जाती है। दूसरी फ्लाइट से पैसेंजर का लगेज पहुंचाया जाता है।

स्पाइस जेट कंपनी के अधिकारी रंजन प्रभाकर ने कहा कि जबलपुर एयरपोर्ट में तापमान अधिक बना हुआ था, जिस वजह से विमानों को टेकआफ करने में समस्या होती है। ऐसे में विमान से पैसेंजर के लगैज को कम किया जाता है ताकि विमान का वजन कम किया जा सके। ऐसा अमूमन कई बार किया जाता है जब कभी 41-42 डिग्री या इससे अधिक तापमान होता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पैसेंजर को भी जानकारी दी जाती है। बाद में दूसरे विमान से यात्री का लगेज भेज दिया जाता है। यह सुरक्षा के लिए जरूरी कदम होता है। गर्मियों के दिनों में कई दफा ऐसा करना पड़ सकता है।

20 उड़ानें डुमना से

जबलपुर एयरपोर्ट से वर्तमान में 20 उड़ान है। इसमें कुछ सप्ताहिक है और कुछ नियमित उड़ान है। जबलपुर से दिल्ली, मुबंई, सूरत,बिलासपुर, पुणे, बैंगलुरु, हैदराबाद शहरों के लिए उड़ान सेवा चालू है। शादी-ब्याह और छुट्टियां चलने की वजह से यात्री भी बड़ी संख्या में घूमने निकल रहे हैं। अमूमन जबलपुर एयरपोर्ट से करीब 1200 से 1500 यात्री प्रतिदिन यात्रा कर रहे हैं।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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