अतुल शुक्ला, जबलपुर। मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में गायों में तेजी से लंपी वायरस का संक्रमण हो रहा है। वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए विज्ञानी और सरकार चिंतित है। दूसरी तरफ गाय के दूध और उसके उपयोग को लेकर लोग आशंकित हो रहे हैं। मवेशी पालक भी चिंतित हैं कि इससे कैसे निपटा जाए। विज्ञानी फिलहाल इसके वैक्सीन पर प्रयोग कर रहे हैं, वहीं संक्रमित गायों को फिलहाल बकरियों को दी जाने वाली वैक्सीन लगाई जा रही है और अभी फिलहाल यह प्रायोगिक स्तर पर ही है।

उधर वेटरनरी विज्ञानियों का कहना है कि इस बीमारी से गाय के दूध का उत्पादन जरूर कम होगा, लेकिन गुणवत्ता पर असर नहीं पड़ेगा। हम दूध को उबालने के बाद ही पीते हैं, इसलिए उसमें मौजूद बैक्टीरिया पूरी तरह से खत्म हो जाते हैं। शेर-ए-कश्मीर वेटरनरी विश्वविद्यालय जम्मू के वरिष्ठ विज्ञानी और वेटरनरी वैक्सीन के एक्सपर्ट प्रो.नीलेश शर्मा ने नईदुनिया को बताया कि लंपी वायरस की वजह से गाय के अंगों को भी नुकसान पहुंच रहा है। इस वजह से गाय के दूध के उत्पादन में कमी होना संभव है, पर उसके दूध से कोई नुकसान नहीं है। इस बीमारी को लेकर लोगों में कई तरह की भ्रांतियां हैं, इस वजह से वे गाय के दूध से दूरी बना रहे हैं।

वैक्सीन की 25 लाख डोज हो रहीं तैयार

प्रो.नीलेश शर्मा ने बताया कि गाय में बढ़ रहे लंपी वायरस के लक्षण को खत्म करने के लिए वैक्सीन तैयार तो कर ली गई है, लेकिन अभी भी इसका ट्रायल होना बाकी है। अब यह केंद्र सरकार को तय करना है कि या तो वह मौजूदा हालात को देखते हुए वैक्सीन का इमरजेंसी ट्रायल शुरू कर दे या फिर तय मापदंड के आधार पर ट्रायल कराए। प्रो. शर्मा ने बताया कि देश में वैक्सीन की लगभग 25 लाख डोज की जरूरत है। इतनी बड़ी मात्रा में वैक्सीन तैयार करने का काम सरकार नहीं करती। वह निजी कंपनियों की मदद से ट्रायल और उत्पादन करेगी। फिलहाल बकरी की बीमारी में उपयोग की जाने वाली गोटपाक्स वैक्सीन का उपयोग लंपी वायरस में किया जा रहा है, लेकिन गाय में मिल रहे लंपी वायरस के वैरिएंट में हो रहे बदलाव से दवा का असर कम हो रहा है।

फील्ड वेटरनरी डाक्टरों को जानकारी कम

मथुरा वेटरनरी कालेज के डीन प्रो. पंकज शुक्ला ने बताया कि पंजाब, हरियाणा, यूपी समेत कई राज्यों की गायों में लंपी वायरस के लक्षण को रोकने के लिए बड़े स्तर पर गोटपाक्स वैक्सीन लगाई जा रही है। हालांकि अभी भी फील्ड के वेटरनरी डाक्टरों को इस वायरस से जुड़ी जानकारी कम है। वायरस को पहचानने, उसके लक्षण के आधार पर उसका स्तर का पता लगाने के बाद ही इलाज किया जा सकता है। इसके लिए वेटरनरी कालेज माथुरा ने एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें एक चार्ट बनाकर गाय में लंपी वायरस की बीमारी और उसके स्तर के आधार पर इलाज की जानकारी दी है। इसे यूपी में हर वेटरनरी डाक्टर तक पहुंचाया जा रहा है।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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