Jabalpur News : जबलपुर नईदुनिया प्रतिनिधि। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में करीब एक दशक बाद फार्मेसी विभाग के लिए अलग भवन की योजना बन रही है। अभी फार्मेसी विभाग रसायन शास्त्र विभाग में ही संचालित किया जा रहा है जिस वजह से विद्यार्थियों को प्रयोगशाला में काम करने समेत कई तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है। प्रशासन ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से भवन निर्माण की योजना बनाई है। जिसे जल्द मूर्त रूप दिया जाएगा। बता दे कि भवन निर्माण नहीं हुआ तो फार्मेसी काउंसिल आफ इंडिया की तरफ से भी विश्वविद्यालय में संचालित बी फार्मा कोर्स को मान्यता मिलना मुश्किल होगा।

ज्ञात हो कि साल 2011 में विश्वविद्यालय में बी फार्मा पाठ्यक्रम प्रारंभ हुआ। उस वक्त वैकल्पिक व्यवस्था के तहत रसायन शास्त्र विभाग में ही इसकी शुरुआत की गई। फार्मेसी काउंसिल आफ इंडिया ने भी शर्तो के साथ कुछ समय में अलग भवन बनाने का समय दिया। प्रशासन ने इस शर्त का पालन नहीं किया और फार्मेसी का संचालन रसायन शास्त्र विभाग में ही चालू रहा। अब फार्मेसी काउंसिल भी नियमों को लेकर सख्त रूख अख्तियार कर चुका है। उनकी तरफ से भी साफ हिदायत दी जा चुकी है कि शिक्षक और भवन की व्यवस्था जल्द सुनिश्चित की जाए अन्यथा मान्यता पर संकट आ सकता है।

250 विद्यार्थी है अध्ययनरत-

विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग में विद्यार्थियों की संख्या वर्तमान में करीब 250 है। यहां बीफार्मा की 60 सीट है। जिसके लिए भारी स्पर्धा होती है। विद्यार्थी दूर-दूर से प्रवेश लेने आते हैं। विभागाध्यक्ष प्रो.प्रदीप खरे ने बताया कि रसायन शास्त्र विभाग के सामने ही फार्मेसी की इमारत बनाने का प्रस्ताव मिला है। चार हजार वर्ग फीट जमीन के लिए कुल 11 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बना हुआ है फिलहाल एक भवन बनाया जाएगा इसके लिए डेढ़ करोड़ रुपये मंजूर हुए है। जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। इस संबंध में कुलसचिव डा.दीपेश मिश्र ने बताया कि फार्मेसी का भवन बनाने के लिए काफी समय से प्रयास हो रहा था अब प्रशासनिक सहमति के बाद इसका काम प्रारंभ होगा।

Posted By: Jitendra Richhariya

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close