जबलपुर। डुमना एयरपोर्ट मंगलवार को प्रधानमंत्री का अस्थाई दफ्तर होगा। यहां प्रदेश के सबसे ज्यादा पिछड़े 8 जिलों के कलेक्टर विकास का प्लान पेश करेंगे। मोदी उनसे वन टू वन बात कर हर एक का विजन समझेंगे। करीब 30 मिनट की इस बातचीत के लिए सोमवार की शाम तक अफसर तैयारी करते रहे।

एयरपोर्ट पर चेयरमैन के कैबिन को अति विशिष्ट अंदाज में सजाया-संवारा गया है। 5 स्टॉर होटल की सारी सुविधाएं देने के लिए हर सामग्री शाम तक डुमना में रखवाई गई। सिर्फ इतना ही नहीं, मोदी के दौरे पर निगरानी के लिए पीएमओ दफ्तर और डुमना के बीच हॉट लाइन कनेक्ट की गई है।

प्रशासनिक अफसर देर रात तक डुमना एयरपोर्ट पर तैयारियों में जुटे रहे। प्रधानमंत्री सुबह महज पांच मिनट रुककर मंडला निकल जाएंगे। लौटते वक्त वो कलेक्टरों के साथ डुमना में ही बैठक करेंगे। कलेक्टर पावर पाइंट के जरिए अपना ब्लू प्रिंट प्रधानमंत्री के सामने रखेंगे। प्रेजेंटेशन के लिए करीब 65 इंच का एलईडी टीवी हॉल में लगाया गया है।

इन जिलों का नाम नीति आयोग की सूची में पिछड़े जिलों में सामने आया है। इसलिए प्रधानमंत्री के सामने कलेक्टर अपने जिलों में होने वाले नए कार्यों व योजनाओं का प्लान पेश करेंगे। दमोह कलेक्टर श्री निवास शर्मा और सिंगरौली कलेक्टर अनुराग चौधरी ने चर्चा में बताया कि स्वास्थ्य, शिक्षा, कुपोषण, श्रमिकों को लाभ पहुंचाने वाले प्लान को तैयार किया है। इसी तरह विदिशा, गुना, छतरपुर, खंडवा, बड़वानी, राजगढ़ के कलेक्टरों ने भी अपने प्रस्ताव बनाए हैं।

दमोह में ऐसे होंगे काम-

-कलेक्टर श्रीनिवास शर्मा ने बताया कि खासतौर से ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जा रही है, जिनमें मूलभूत सुविधाओं व योजनाओं की पहुंच नहीं है। जिले में जनभागीदारी के तहत लोगों, संस्थाओं को सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जोड़ने का काम किया जाएगा।

दमोह के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य से समृद्धि योजना पर फोकस किया गया है। गांव में पहुंचकर स्वास्थ्य व अन्य विभागों का अमला बीमारों व पीड़ितों को सहायता उपलब्ध कराएगा। इसी तरह किशोरी बालिकाओं, कम वजन वाले बच्चों, माताओं की पहचान की जा रही है। कुपोषण दूर करने सरोकार योजना से प्रशासनिक अफसरों, स्वयंसेवकों व समाजसेवियों को जोड़ा जा रहा है।

सिंगरौली में ग्रामीणों का करेंगे बीमा-

-कलेक्टर अनुराग चौधरी ने बताया कि जिले में सबसे ज्यादा संख्या में श्रमिक हैं। जिनको श्रम विभाग की सभी योजनाओं से जोड़ने का काम अगले 6 माह में किया जाएगा। इसी तरह ग्रामीणों का 12 रुपए में होने वाला बीमा कराया जाएगा। इससे लोगों को क्षतिपूर्ति का लाभ दिलाया जा सके। सरकारी स्कूलों, स्वास्थ्य व उप स्वास्थ्य केंद्रों के साथ गांव में बिजली सप्लाई को बढ़ाना। पेयजल आपूर्ति के नए काम शुरू होंगे। स्वास्थ्य विभाग के सभी संसाधनों का उपयोग करने वाले नए कार्य जिले में करने से जुड़ा प्लान बनाया गया है।

राजगढ़ को ओडीएफ करने की तैयारी-

-कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने अपने जिले के लिए 50 बिंदुओं की कार्ययोजना तैयार की है। जिसमें जनभागीदारी, जनप्रतिनिधियों के सहयोग, सरकारी कर्मचारी अधिकारियों, स्वयंसेवी संगठनों, समाजसेवियों का सहयोग लेकर काम किए जाएंगे।

खासतौर से पीएम आवास के कार्य को गति देना, प्रोजेक्ट संजीवनी के तहत जिले में 5 हजार बच्चों को गोद लिया जा चुका है। इसी तरह शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जा रहा है। ओडीएफ जिला बनाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। अगले कुछ महीनों के भीतर ओडीएफ की श्रेणी में जिले को लाया जाएगा।

छतरपुर में उद्यानिकी खेती में जोड़े 1100 किसान-

-कलेक्टर रमेश भंडारी ने जिले के सूखाग्रस्त इलाकों के 1100 किसानों को जोड़ कर नई योजना पर काम शुरू किया है। उद्यानिकी फसलों के लिए मूल्य अनुबंध योजना तैयार की है। इसमें निजी कंपनियों के साथ किसानों की उपज बेचने का अनुबंध कराया जा रहा है।

किसान अपनी उपज सीधे कंपनियों को बेच सकेंगे और उन्हें किसी बिचौलिये या दलाल का सामना नहीं करना होगा। इसी तरह कुपोषण, शिक्षा व स्वास्थ्य योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

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