जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के सामने उनका लक्ष्य बिल्कुल साफ होना चाहिए। स्नातक की डिग्री मिलने तक यह तय होना ही चाहिए कि आगे चलकर उन्हें क्या करना है। इसके लिए तैयारी के साथ—साथ जानकारियों की आवश्यकता होती है। विद्यार्थी यदि प्रतियोगी परीक्षा के लिए अपनी तैयारी करना चाहता है तो इसके बारे में उन्हें पता होना चाहिए और यदि वे जाब के लिए सीवी यानी रिज्यूम बना रहे हैं तो भी उन्हें पता होना चाहिए कि सीवी कैसे बनना चाहिए। विद्यार्थियों को ऐसी ही जानकारी देने के लिए शासकीय विज्ञान महाविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु एक आनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों को बताया गया कि वे प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

विशेषज्ञ केविन परेरा और नीरज खंडेलवाल ने बताया सीवी करियर व शिक्षा की संपूर्ण जानकारी देने वाला एक स्वरूप होता है। सीवी में आपके जाब के अनुरूप आपकी शिक्षा व स्किल का वर्णन होना चाहिए। इसी तरह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक है कि उसके स्वरूप और आवश्यक्ताओं को समझना। स्टडी मटेरियल एकत्रित करें और चरणबद्ध तरीके से सतत अध्ययन करें। इसके साथ ही रिवीजन को भी अपनी अध्ययन प्रणाली में शामिल करें। साक्षात्कार व ग्रुप डिस्कशन में जहां आत्मविश्वास आवश्यक है वहीं बिना ज्ञान व परिपक्वता के चयन मुश्किल है।

इस अवसर पर संस्था के प्राचार्य डा. एएल महोबिया ने कहा कि दृढ इच्छा शक्ति व परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता। शार्ट कट से बडी उपलब्धियां संभव नहीं है। विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ प्रभारी डा.जया वाजपेयी ने बताया कि विद्यार्थियों द्वारा कार्यक्रमों का समुचित लाभ उठाया जाता रहा है। आयोजन को सफल बनाने में डा. राजश्री कपूर, डा. मोना मरकाम, डा. उषा मसराम, डा. आरपीएसस चंदेल, डा. मनीष शर्मा व अन्य सदस्यों का सहयोग रहा।

Posted By: Ravindra Suhane

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