जबलपुर (ब्यूरो)। आयकर की सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी है, इसके बाद भी आयकर के करदाताओं की संख्या कम नहीं होगी। यह कहना है मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त अजय कुमार चौहान का। मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि अब तक जो करदाता ढाई लाख रुपए तक सालाना रिटर्न भरते थे, उनमें से ही अधिकांश करदाता अब पांच लाख रुपए का रिटर्न भरने लगेंगे।

नए करदाताओं की तलाश करेगा विभाग

प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने बताया कि आयकर विभाग मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ द्वारा आयकरदाता विस्तार योजना से नए करदाताओं की तलाश की जाएगी। 5 लाख रुपए से अधिक का रिटर्न भरने वाले करदाताओं तक पहुंचाने के लिए विभाग के अधिकारी खुद आगे आएंगे। हालांकि इस योजना से हम करदाताओं के भ्रम को कम करेंगे, न की बढ़ाएंगे। ईमानदार करदाताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा कर न देने वालों से रिटर्न भरने के लिए जागरूक भी किया जाएगा।

जबलपुर में बढ़े 1 लाख 39 हजार नए करदाता

उन्होंने बताया कि 2018-19 में मप्र व छग में इस साल 7 लाख 6 हजार 487 नए करदाता जुड़े। वहीं अकेले जबलपुर में इस बार सर्कल 1 और 2 में नए करदाताओं की संख्या 1 लाख 39 हजार 854 तक पहुंच गई। इसमें जबलपुर समेत 19 जिले शामिल हैं। सिर्फ जबलपुर में यह संख्या तकरीबन 30 हजार से अधिक रही। इन करदाताओं की मदद से विभाग ने इस साल 23 हजार 334.70 करोड़ रुपए का कर वसूला, जबकि टारगेट 25 हजार 445 करोड़ था। जबलपुर में ही सर्कल 2 से विभाग को 3 हजार 437 करोड़ टैक्स मिला तो वहीं सर्कल 1 से 236 करोड़ का टैक्स जमा हुआ।

अधिकारियों को निर्देश है कि करदाता में भ्रम न बनाएं

करदाता के भय को कम करने के लिए विभाग और उनके अधिकारी हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए मैंने विभाग में आयकर विस्तार और आयकर संग्रहण योजना मंगलवार से जबलपुर में शुरू कर दी है। इसके माध्यम से ईमानदार करदाताओं के भ्रम को कम किया जाएगा और नए करदाताओं को रिटर्न जमा करने के लिए जागरूक करेंगे।

यह दी हिदायत

- अधिकांश करदाताओं के एडवांस टैक्स और स्वयं मूल्यांकन में अंतर आ रहा है, जो गलत है।

- आयकर के दायरे में आने पर भी रिटर्न नहीं भरते व्यापारी, इन पर विभाग की नजर है।

- समझाने के बाद भी ऐसे करदाता हैं, जो कर की चोरी करते हैं, उन पर कार्रवाई होगी।

- जो नहीं सुधरेंगे उन पर अपराधिक प्रकरण दर्ज करने से भी विभाग पीछे नहीं हटेगा।

इससे करेंगे मदद

- रिटर्न न भर पाने वाले करदाताओं को शिविर के जरिए विभागीय अधिकारी रिटर्न भरने में मदद करेंगे।

- टीडीएस या रिफंड नियमावली को समझने के लिए विभाग निशुल्क लीगल सेल बनाकर सलाह देगा।

- करदाताओं के साथ विभाग के वरिष्ठ अधिकारी विश्वास कायम कर उनकी भ्रांतियां दूर करेंगे।

Posted By: Rahul Vavikar