जबलपुर। नागरकि उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच, जबलपुर ने जबलपुर रेलवे स्टेशन से लेकर इटारसी तक रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ स्थित हजारों पेड़ काटे जाने का विरोध किया है।आरोप लगाया गया है कि रेलवे द्वारा पेड़ काटे जाने से पर्यावरण को भारी क्षति हुई है। इस सिलसिले में नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच जबलपुर द्वारा चेयरमैन रेलवे बोर्ड मुंबई, डीआरएम जबलपुर मंडल, मुख्य प्रबंधक जबलपुर रेलवे जोन, केंद्रीय मंत्री भारतीय रेल मंत्रालय, सचिव केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सचिव मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र भेजकर आपत्ति जताई जा चुकी है। उच्च स्तरीय जांच पर भी बल दिया गया है। रेलवे पर पर्यावरण को क्षति के सिलसिले में जुर्माना लगाने व बदले में 10 गुना पौधारोपण कर उनकी देखरेख करने की मांग की गई है ।

दो हजार से ज्यादा वृक्षों का कत्लेआम : मनीष शर्मा प्रांतीय संयोजक उपभोक्ता मंच ने बताया कि रेलवे द्वारा रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ लगे हजारों वृक्षों को सिर्फ इसलिए काट दिया गया कि वर्षा-काल में उनकी टहनियां टूट कर रेलवे ट्रैक पर या बिजली लाइनों पर गिरकर यातायात बाधित न करें। मंच द्वारा जबलपुर से इटारसी तक कटे हुए वृक्षों की गिनती की गयी। दोनों तरफ मिलाकर लगभग दो हजार से अधिक बड़े-बड़े वृक्षों को कटा पाया गया। मनीष शर्मा ने बताया कि रेलवे को कायदे से उन वृक्षों की छटाई करके वृक्षों को बचाया जा सकता था। परंतु जानबूझकर जमीन से वृक्षों को काटकर पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाया गया है।

जनहित याचिका दायर करेंगे : नागरिक उपभोक्ता मंच के प्रफुल्ल सक्सेना, सुधीर खरे, पवन कौरव, आश्रिता पाठक, मधुबाला श्रीवास्तव, अरविंद स्थापक, तरुण सेन, सज्जाद अली, अभिषेक मेहरा, शिवकुमार कौरव, इमरान खान आदि सदस्यों ने रेलवे द्वारा भारी पर्यावरणीय क्षति पहुंचाने का पत्र में आरोप लगाया। पत्र के माध्यम से पर्यावरणीय क्षति हेतु रेलवे से प्रति वृक्ष जुर्माना वसूले जाने पर बल दिया गाय। काटे गए वृक्ष के बदले में नये वृक्ष लगाकर उनके देखरेख करने की मांग की गई। साथ ही चेतावनी दी गई समस्त मामले को लेकर सक्षम न्यायालय में एक जनहित याचिका शीघ्र दायर करेंगे।

Posted By: Shivpratap Singh

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