जबलपुर । आज पूरा देश पुलवामा आतंकी हमले की बरसी मना रहा है। पुलवामा में जहां आज के दिन ही 45 जवानों ने आतंकी हमले में शहादत दी थी वहीं आज तक देश इस घटना को भूल नहीं पाया है। देश के वीर सपूतो की शहादत को आज हर हिंदुस्तानी सलाम कर रहा है लेकिन एक ऐसे माता-पिता भी है जो अपने पुत्र के शहादत के बाद घर में उसका मंदिर बना कर उसे भगवान के रूप में पूजते हैं और वह इसलिए कि एक गरीब परिवार के घर पैदा हुए इस वीर सपूत ने अपने परिवार का नाम देशभर में रोशन कर दिया। यही नहीं एक दिहाड़ी मां बाप को आज तक जो कोई भी पूछता नहीं था आज उसके पास राजनेताओं से लेकर गांव शहर के लोग भी पैर छूने आते हैं।

हम बात कर रहे हैं जबलपुर शहर से 58 किलोमीटर दूर सिहोरा तहसील के ग्राम खुड़ावल की। यहां के 30 वर्षीय अश्विनी कुमार काछी बीते वर्ष पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए थे। उस समय मध्यप्रदेश से एक जवान शहीद हुआ था, जिसे लेकर मुख्यमंत्री पूर्व मुख्यमंत्री और कई राजनेता व प्रशासनिक अधिकारी उसके गांव पहुंचे थे और विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए अंत्येष्टि में शामिल हुए थे।

पुलवामा हमले की बरसी पर नईदुनिया की टीम शहीद के घर पहुंची और उनके पिता सुकरू प्रसाद से चर्चा की। शहीद अश्विनी कुमार की याद आज उनका पूरा गांव करता है। स्कूल में हर बच्चा उनसे प्रेरणा लेता है।

यह वही गांव है जहां लगभग 3000 की आबादी में ढाई सौ परिवार हैं और 50 परिवारों में एक सदस्य सेना में सेवाएं दे रहा है। इस गांव के शासकीय माध्यमिक शाला में 1995 में शहीद अश्विनी दाखिल हुए थे।

शहीद अश्विनी की प्रथम पुण्यतिथि में गांव में उनके परिवार के लोगों ने स्मारक बनवाया है और आज उसका लोकार्पण है इस गांव में 10 किलोमीटर दूर से बच्चों को पढ़ाने आने वाले शिक्षक से भी हमने बात की उन्होंने इस गांव में पढ़ाने पर अपने आपको गर्व महसूस किया।

Posted By: Sandeep Chourey

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