Punjabi Dussehra 2022: जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पंजाबी दशहरा आज ग्वारीघाट स्थित शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय के मैदान पर आयोजित किया जा रहा है। इसमें कई आकर्षण होंगे। इनमें प्रमुख रूप से 200 कलाकारों द्वारा अंतरराष्ट्रीय श्याम बैंड की प्रस्तुति होगी। पंजाबी दशहरे की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दो साल बाद मनाए जा रहे इस आयोजन में इस बार दर्शकों के लिए आतिशबाजी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां खास आकर्षण का केंद्र होंगे।

पंजाबी हिंदू एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्र कुमार भनोत बताया कि इस साल पंजाबी समाज का 70वां पंजाबी दशहरा महोत्सव को दोगुने उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस बार बेहद रोमांचकारी आतिशबाजी का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इसके लिए प्रख्यात शिवाकाशी और अन्य आतिशबाजों का प्रदर्शन होगा। इसमें गगनचुंबी इन्द्रधनुषीय आतिशबाजी तथा बहुरंगी धमाकों का प्रदर्शन होगा। खासतौर पर हाई स्पीड 440, किंग आफ किंग, सिजनिंग सालसा. पोओ गोल्ड, स्काई स्क्रेपर्स ब्लू बरियर्स, टाइटेनियम ट्री कलर फलसन, वर्ल्ड बंडर समेत लाजवाब प्रस्तुति की जाएगी।

शाम साढ़े चार बजे शुरू होगा आयोजन

पंजाबी दशहरा का आयोजन शासकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय ग्वारीघाट में शाम 4.30 बजे से श्रीराम के पूजन अर्चन के साथ शुरू होगा। इस मौके पर स्वामी नरसिंहदास, पूर्व वित्तमंत्री तरूण भनोत, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू मौजूद रहेंगे। विमला वर्मा ने बताया कि दुर्गा स्तुति पर नृत्य नटिका का मंचन किया जाएगा। इसके उपरांत पंजाबी भांगड़ा, राजस्थानी नृत्य एवं क्षेत्रीय लोक नृत्य तथा 200 कलाकारों द्वारा अंतरराष्ट्रीय श्याम बैंड की प्रस्तुति होगी। रावण कुंभकरण के पुतलों के दहन के पूर्व श्रीराम की शोभायात्रा निकाली जाएगी।

पंजाबी दशहरा पर इस प्रकार रहेगी यातायात व्यवस्था

पंजाबी दशहरा देखने आने वाले लोगों के वाहनों की पार्किंग व्यवस्था तथा मार्ग की सुगमता के लिए यातायात व्यवस्था निर्धारित की गई है। जिसके तहत मेट्रो बसें रामलला मंन्दिर के सामने से झंडा चौक से आयुर्वेदिक संस्थान होते हुए गीताधाम तक जायेगी, वापसी का मार्ग झंंडा चौक- रामलला मंदिर-अवधपुरी रहेगा। वाहन रामलला मंदिर से पुराना रेल्वे ट्रेक किनारे पर निर्धारित पार्किंग में पार्क कराये जायेंगें। चार पहिया, एवं अन्य वाहन अवधपुरी मोड, झंडा चौक जिलहरी मोड-आयुर्वेदिक संस्थान गेट होते हुये गीता धाम के सामने पार्किग स्थल तक जा सकेंगे। इसी प्रकार आटो, आपे रेत नाके से दायें मुडकर रामलला मंदिर तक जा सकेंगे। इसके आगें आटो का प्रवेष निषेध रहेगा।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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