जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। जिले में मूंग उपार्जन का काम पूरा हो गया। डेढ़ महीने तक चली उपार्जन प्रक्रिया में महज 21 हजार 238 मीट्रिक टन मूंग की खरीदी हो पाई। साढ़े चार हजार से ज्यादा पंजीकृत किसान ऐसे रहे, जिन्होंने खरीदी केंद्र का रुख नहीं किया।

मूंग खरीदी का काम अगस्त महीने की आठ तारीख से शुरू हुआ, जो अब समाप्त हो चुका है। जिले में कुल 13481 किसानों ने उपज बेचने के लिए पंजीयन कराया था। मूंग उपार्जन के लिए जिले में कुल 19 खरीदी केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों पर अंतिम तारीख तक 8690 किसानों ने ही अपनी उपज बेची। इस दौरान कुल 21,238.01 मीट्रिक टन मूंग की खरीदी हो पाई। उपार्जित मूंग का मूल्य 154.5 करोड़ रुपये है। अब तक किसानों को 96.49 करोड़ का भुगतान भी किया जा चुका है, जो कुल राशि का करीब 62 प्रतिशत है। किसान बकाया के भुगतान की मांग कर रहे हैं।

परिवहन की बात करें तो 19,999 मीट्रिक टन का परिवहन किया जा चुका है, जबकि 1077.5 मीट्रिक टन अब भी खरीदी केंद्रों पर पड़ा हुआ है। परिवहन का काम भी करीब 95 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। शेष उपज का परिवहन भी जल्द होने की बात कही जा रही है। यदि समय पर मूंग का परिवहन नहीं किया गया तो बची मूंग को नुकसान हो सकता है।

4700 किसान नहीं आए

कुल पंजीकृत किसानों में से 4791 किसानों ने उपार्जन केंद्रों की ओर रुख नहीं किया। इन किसानों ने अपनी उपज या तो नहीं बेची या फिर खुले बाजार में बेचना ज्यादा उपयुक्त समझा।

इनका कहना है

इस वर्ष जिले में 21238 मीट्रिक टन मूंग का उपार्जन हुआ है। करीब दो तिहाई खरीदी का भुगतान भी किया जा चुका है। इस साल मूंग का दाम खुले बाजार में एमएसपी से अधिक रहा, इसलिए किसानों का अधिक झुकाव उपार्जन केंद्रों की ओर नहीं रहा।

- एसके निगम, उप-संचालक कृषि

Posted By: Jitendra Richhariya

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