Purnima Vrat: जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। सनातन धर्म में सभी पूर्णिमा तिथियां शुभ मानी जाती हैं। वैशाख पूर्णिमा हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार वर्ष में दूसरी पूर्णिमा है और यह भगवान नृसिंह के जन्मोत्सव के ठीक बाद आती है। सभी पूर्णिमा तिथि अपने आप में खास होती है। बुद्ध जयंती वैशाख पूर्णिमा के दिन पड़ती है और इस दिन को गौतम बुद्ध की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस बार वैशाख पूर्णिमा 16 मई सोमवार को पड़ रही है। पूर्णिमा तिथि रविवार से शुरू होगी।

कल सुबह 9:48 बजे तक रहेगी पूर्णिमा तिथि

ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ दुबे ने बताया कि पंचांग के अनुसार वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि सोमवार 16 मई के दिन पड़ रही है। पूर्णिमा तिथि का आरंभ रविवार 15 मई को सुबह 11:41 बजे से शुरू होकर सोमवार 16 मई सुबह 9:48 बजे तक है। अत: व्रत की पूर्णिमा 15 मई को रहेगी और वैशाख पूर्णिमा सोमवार को मनाई जाएगी।

सूर्य को दें अर्घ्य

वैशाख पूर्णिमा का व्रत रखने पर इस दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करें या ऐसा संभव न हो तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगा जल डालकर स्नान करें। स्नान के बाद सूर्य के मंत्रों का जाप करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके बाद घर के मंदिर या पूजा स्थल पर दीपक जलाएं।

भगवान विष्णु की करें आराधना

इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और व्रत का संकल्प लिया जाता है। इसके अलावा इस दिन सत्यनारायण भगवान की कथा सुनने का भी विशेष महत्व है। इस दिन शाम के समय चंद्रमा को अर्घ्य दें। इसके बाद भगवान को भोग लगाएं।

दान का मिलता है फल

ऐसी मान्यता है कि इस दिन दान करना अत्यंत शुभ होता है और इस दिन किए गए दान का कई गुना फल प्राप्त होता है। वैशाख पूर्णिमा का व्रत रखने से बुरे या पाप कर्मों से मुक्ति मिलती है। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है और सारे दुख दूर होते हैं।

नर्मदा तटों पर उमड़ेंगे लोग

वैशाख पूर्णिमा पर पुण्य स्नान करने के लिए नर्मदा तटों पर सुबह से लोग उमड़ेंगे। ग्वारीघाट, जिलहरीघाट, तिलवारा, भेड़ाघाट में बड़ी संख्या में लोग पुण्य स्नान के लिए पहुंचेंगे। घाटों पर सुबह से शाम तक श्रद्धालु पूजन-अर्चन कर दान पुण्य करते हैं।

Posted By: Shivpratap Singh

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