जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर के बीच से गुजरने वाली मुख्य रेल लाइन के रेल अंडर ब्रिजों को चौड़ा करने का काम शुरू हो गया है। सिटी हास्पिटल से वेटरनरी कालेज की ओर जाने वाले मुख्य रास्ते पर बने रेल अंडरब्रिज नंबर दो को चौड़ा करने का काम शुरू हो गया है। वेटरनरी कालेज की ओर से ब्रिज को चौड़ा करने का काम शुरू हो गया है। इसके लिए रेलवे कालोनी में बने सेप्टिक टैंक को हटाया जा रहा है। ब्रिज को साढ़े पांच मीटर अतिरिक्त चौड़ा किया जा रहा है। वर्तमान में इसकी चौड़ाई साढ़े पांच मीटर है, लेकिन इसे बढ़ाकर अब 11 मीटर की जा रही है, ताकि आसानी से वाहनों की आवाजाही हो सके। दरअसल चार साल पूर्व ही ब्रिज को चौड़ा करने का काम शुरू होना था, लेकिन रेलवे और नगर निगम के बीच अतिक्रमण को हटाने को लेकर समंवय न बनने की वजह से यह काम शुरू नहीं हो सका।

निगम ने दिया पैसा, रेलवे कर रहा काम : शहर के चारों रेल अंडरब्रिज को चौड़ा करने का काम रेलवे को करना है, लेकिन इस पर होने वाले खर्च का वहन नगर निगम करेगा। निगम प्रशासन ने चार साल पूर्व ही जबलपुर रेल मंडल के इंजीनियरिंग विभाग को रेल अंडर ब्रिज दो, तीन और चार को चौड़ा करने के लिए लगभग छह करोड़ रुपये दिए थे। इसमें ब्रिज नंबर चार को चौड़ करने में लगभग तीन करोड़ खर्च हुआ। वहीं अब रेल अंडर ब्रिज दो को चौड़ा करने में लगभग ढाई करोड़ रुपये खर्च होने है। इसके बाद नागरथ चौक स्थिति रेल अंडरब्रिज तीन को चौड़ा करने का काम होगा।

अतिक्रमण पर अटका था चौड़ीकरण : रेल अंडरब्रिज को पहले सिटी हास्पिटल की ओर से चौड़ा किया जाना था, लेकिन ब्रिज के दोनों ओर जमे अतिक्रमण को हटाने से निगम पीछे हट गया। राजनैतिक दबाव के चलते अतिक्रमण नहीं हटाए गए। इस वजह से चौड़ीकरण का काम चार साल लटक गया। अब इसे होटल ऋषि एजेंसी की ओर से चाैड़ा किया जा रहा है, जहां अतिक्रमण को लेकर समस्या नहीं है। इसके दूसरी ओर रेलवे कालोनी का कुछ हिस्सा है। इसमें कालोनी का सेप्टिक टैंक बांधा बन रहा था, जिसे रेलवे ने खुद ही हटाना शुरू कर दिया है।

एक नजर में :

- ब्रिज नंबर दो को साढ़े पांच मीटर अतिरिक्त चौड़ा किया जाएगा

- पुराने ब्रिज को जोड़कर ही 11 मीटर नया ब्रिज लंबा बनाया जाएगा

- नए ब्रिज का काम रेलवे को मई माह तक पूरा करना है

- इस दौरान 10 से 15 दिनों के लिए ब्रिज से आवागमन रोका जाएगा

- ब्रिज को बनाने में लगभग ढाई करोड़ खर्च होने का अनुमान है।

Posted By: Brajesh Shukla

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