जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। रेलवे लाइन की सुरक्षा में तैनात ट्रैक मैन की ड्यूटी को लेकर फिर बहस चल रही है। रेल यूनियन का कहना है कि ट्रैक मैन से 16 घंटे ड्यूटी कराई जा रही है जबकि नियम अनुसार उनसे 8 से 12 घंटे ही ड्यूटी कराई जानी चाहिए।इसको लेकर रेलवे बोर्ड से पश्चिम मध्य रेलवे जोन और मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया है पश्चिम मध्य रेलवे मजदूर संघ ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि ट्रैक मैन की ड्यूटी का समय 12 घंटे से कम रखा जाए। 16 घंटे की ड्यूटी के दौरान रेलवे की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो सकते हैं। लगातार 16 घंटे तक ड्यूटी करने के कारण ट्रैक में अस्वस्थ और देखने की क्षमता से कमजोर हो रही है।

ठंड में बढ़ेगी मुश्किल है

जबलपुर रेल मंडल कि मजदूर यूनियन के मंडल सचिव डीपी अग्रवाल ने विभाग के अधिकारियों को कहा है कि ट्रैक पर ड्यूटी कर रहे सभी ट्रैक मैन को ड्यूटी रोस्टर और नियम के मुताबिक जिम्मेदारी दी जाए । उनके मुताबिक ठंड के दौरान मुश्किलें और बढ़ती हैं। यदि कम समय पर ड्यूटी करेंगे तो कार की क्षमता बढ़ेगी साथ ही रेल सेफ्टी में किसी तरह की लापरवाही ना होने की संभावना बनी रहेगी।

कम ड्यूटी सुरक्षा ज्यादा

जबलपुर रेल मंडल में तकरीबन 3000 से ज्यादा ट्रैक मैन हैं। इनमें से अधिकांश की ड्यूटी नाट गश्त के दौरान ट्रैक की सुरक्षा के लिए होती है। ठंड के वक्त रेलवे पटरी में दरार आने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में जरूरी है कि ट्रैक में 8 से 12 घंटे ड्यूटी करें ताकि वह बिना तनाव की ही सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल सकें। रेल यूनियन ने और अधिकारियों को पत्र लिखकर तत्काल उनकी ड्यूटी का समय अनुसार 8 से 12 घंटे करने काे है।

Posted By: Ravindra Suhane

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