जबलपुर। झमाझम बारिश से महाकोशल-विंध्य पानी-पानी हो गया है। मंगलवार की देर रात से बुधवार की सुबह तक हुई भारी बारिश से नदी-नाले ऊफान पर हैं। नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, रीवा, सतना में बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। बारिश के कारण बकिया बैराज के गेट खोले जाने से रीवा और सतना में कई स्थानों पर पानी भर गया है।

इधर, महाकोशल के नरसिंहपुर जिले में जबलपुर-गोटेगांव स्टेट हाइवे क्रमांक 22 पर कमती गांव के पास ऊमर नदी की बाढ़ का पानी आने से मार्ग बंद हो गया। शेढ़ नदी की बाढ़ से मुंगवानी-बरहटा, धमना-सांकल, तिंदनी मार्ग भी बंद हो गया।

कमती में नदी की बाढ़ के दौरान एक युवक गहरे पानी में जाने से बह गया, जिसे ग्रामीणों ने पुलिस की मौजूदगी में सूझबूझ से बहने के दौरान हाथ पकड़कर निकाला और अस्पताल भेजा। जबलपुर में भी बुधवार को दिन भर बारिश होती रही।

सतना में शहर से लेकर गांव तक सिर्फ पानी ही पानी

जिले भर में मंगलवार देर रात और बुधवार शाम 4 बजे हुई मूसलाधार बारिश की वजह से शहर से लेकर गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए। नदी-नालों के ऊफान पर आने से जिला मुख्यालय का उपनगरों व ग्रामीण इलाकों से संपर्क टूट गया है। जहां कल तक लोग बारिश का इंतजार कर रहे थे, वहीं अब लोग बारिश से परेशान हो रहे हैं। कहीं घर गिर गए तो कहीं दुकानों को नुकसान पहुंचा है।

सड़क पर घुटनों तक पानी होने से हाइवे पर जाम लगा रहा। बिजली विभाग द्वारा जिले भर की विद्युत सप्लाई ठप कर दी गई। निचले इलाके पानी में डूब गए। कई ग्रामीण इलाकों में पानी भरा होने की वजह से लोगों को गांव छोड़ना पड़ा। मौसम विभाग ने बारिश की भयावह स्थिति को देखते हुए हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। सतना-पन्न्ा मार्ग में पन्न्ा नाका के पास घुटनों से ऊपर सड़क पर जल भराव होने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है।

रीवा : बकिया बराज डैम से छोड़ा गया पानी, खोले गए 14 गेट

झमाझम बारिश से शहर सहित जिला तर-बतर हो गया। पिछले कई दिनों से बारिश मानों थम सी गई थी। तो वहीं जिले में हुई इस बारिश ने सभी को राहत दी है। जल स्तर बढ़ने से बकिया बराज के 14 गेट खोले गए हैं। दोनों गेट से 560 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

Posted By: Hemant Upadhyay