जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी के विभागों को शिक्षण कार्य नियमित ढंग से कराने के निर्देश हैं फिर भी कई विभागों में ऐसा नहीं हो रहा है। विद्यार्थी कक्षाओं में पढ़ने आते हैं लेकिन उन्हें कक्षाएं बंद मिल रही हैं। विभागों में कोई शिक्षक नहीं रहता है ऐसे में मायूस होकर विद्यार्थी भी वापस लौट जाते हैं।

क्या है मामला: छात्र नेता सचिन रजक और समाजशास्त्र के अंशुल शाह ने आरोप लगाया कि वो समाजशास्त्र विभाग में जब भी जाते हैं उन्हें ताला लगा मिलता है। कोरोना संक्रमण के दौरान पहले ही कक्षाएं बंद थी अब जबकि कक्षाएं प्रारंभ हुई है तो शिक्षक कक्षाओं में नहीं पहुंच रहे हैं। बीते गुरुवार—शुक्रवार को विद्यार्थियों ने विभागों का दोपहर 12 बजे 3 बजे के बीच दौरा किया लेकिन उन्हें इस दौरान कोई भी नहीं मिला।

सचिन रजक का आरोप है कि ऐसे में शिक्षक ही तय समय पर विभागों में आमद नहीं देंगे तो विद्यार्थी कैसे शिक्षण कार्य का लाभ ले पाएंगे। उन्होंने लेटलतीफी और शिक्षण कार्य में हीलाहवाली करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है। छात्रों का कहना है कि लंबे लॉकडाउन के बाद अब नियमित शिक्षण कार्य कराया जाना चाहिए। पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करवाने के लिए अतिरिक्त समय शिक्षकों को देना चाहिए लेकिन तय समय से पहले ही शिक्षक विभागों में ताला लगाकर लौट जाते हैं।

बिना सूचना आते—जाते: छात्र नेता लवदीप सिंह गहरवार ने कहा कि कई विभागों में नियमित शिक्षक शिक्षण कार्य ही नहीं करवाते हैं। वे अपने रिसर्च स्कॉलर अथवा अतिथि विद्वानो के भरोसें ही कक्षाएं संचालित कर रहे हैंं नियमित अध्यापक कब आते है और कब जाते हैं इसका कोई लेखा—जोखा नहीं रखा जाता है।

Posted By: Ravindra Suhane

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