Jabalpur News, Madhya Pradesh News, Raavan Kumbhakarna, effigies, Dussehra

जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। नवरात्र चल रहे हैं और अब दो दिन बाद शहर में भव्यता के साथ दशहरा मनाया जाएगा। इस बार पर्व को खास बनाने के लिए तैयारियां हो रहीं हैं। शहर में पंजाबी दशहरा समेत लगभग 25 सार्वजनिक रावण दहन कार्यक्रम होने जा रहे हैं, लेकिन मुख्य आकर्षण रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों पर महंगाई का असर है। पुतला बनाने वाले कारीगर बताते हैं कि पुतलों को तैयार करने वाली सामग्री में लगभग 60 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। इससे आयोजकों ने रावण की लंबाई से लेकर उसके आकर्षण और अतिशबाजी में कटौती की है।

61 फीट लंबा होगा पंजाबी दशहरे का रावण- पंजाबी दशहरा में इस बार भी शहर का सबसे ऊंचा रावण-कुंभकरण के पुतले का दहन होगा। इस बार कारीगरों ने लगभग 61 फीट लंबा रावण और 55 फुट का कुंभकरण तैयार किया है। कोरोना काल में मांग कम होने से अधिकतम 40 फीट तक के ही पुतले बनाए गए थे। इस बार शहर में सबसे बड़े रावण के पुतले की ऊंचाई 61 फीट होगी, जो चार अक्टूबर को होने वाले पंजाबी दशहरा में देखने मिलेगा।

पुतले तैयार करने की सामग्री महंगी

कारीगर बताते हैं कि पहले जहां पांच फीट के पुतले को बनाने में लगभग ड़ेढ़ से दो हजार का खर्च आता था। इस बार यह ढाई से तीन हजार पहुंच गया है। इधर दो साल से दशहरे के आयोजन न होने से पुतलों को बनाने की मांग घट गई है। जबलपुर में इस बार लगभग 20 जगह रावण दहन का कार्यक्रम हो रहे हैं। जबकि दो साल पूर्व 2019 तक शहर में ही 35 से 40 जगह रावण दहन कार्यक्रम होते थे। कारीगर मो. अदनाम बताते हैं कि पुतलों को बनाने में लोहा, बांस से लेकर कागज, लेई, रंग और चारे के दाम में इजाफा हुआ है।

तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे आयोजक

ग्वारीघाट के आयुर्वेद कालेज के मैदान में पंजाबी दश्ाहरा के भव्य आयोजन की तैयारियों में न सिर्फ पंजाबी हिंदू एसोसिएशन के पदाधिकारी बल्कि रावण तैयार करने वाले कारीगर, मैदान और साज-सज्जा में जुटे हैं। इस बार दशहरे का मुख्य आकर्षण अंबाला डिजाइन का रावण-कुंभकरण और अतिशबाजी होगी। इस बार दशहरे में लगभग पांच हजार से ज्यादा लोगों के आने का अनुमान है।

1992 में 90 फीट का बनाया था रावण

कारीगर मो. इफतीखार आलम की चार पीढ़ियां यह काम कर रही हैं। उनके दादा, पिता और वे खुद और अब मेरे दोनों बेटे इस काम काम कर रहे हैं। दो साल से दशहरे के आयोजन नहीं हुए, जिससे काम कम था। इस बार जबलपुर में ही अकेले 15 जगह के लिए रावण, कुंभकरण बनाएं हैं वहीं नागपुर, नागौद, बालाघाट, सिवनी में भी इस बार रावण बनाने कारीगर गए हैं। पंजाबी दशहरे के लिए 1992 में सबसे लंबा रावण 90 फीट बनाया था। हालांकि उस समय आइ, तकनीकी खामियों की वजह से इस हाइट का रावण फिर नहीं बनाया।

ऐसे बढ़े दाम

पहले अब

बांस (प्रति पीस) 100 200

रंगीन कागज (बंडल) 2,400 4600

सुतली (बंडल) 4400 9600

पुराने अखबार (प्रति किलो) 15-20 25-30

नोट- उक्त सामान की कीमत अनुमानित है, दाम कम और ज्यादा हो सकते हैं

Posted By: Jitendra Richhariya

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