जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों को लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान जितने संजीदा है नौकरशाह उतने ही बेपरवाह। जबलपुर की बात करें तो दिसंबर माह में सीएम हेल्पलाइन की रैंकिंग में जबलपुर फिर पिछड़ गया। सीएम हेल्पलाइन में आई शिकायतों का निपटारा करने में बरती गई उदासीनता के चलते जबलपुर रैंकिंग में इस बार छह पायदान खिसक कर आठवें स्थान तक नीचे आ गया। वहीं इंदौर छठवें नंबर पर रहा। हालांकि भोपाल और ग्वालियर जैसे शहर जबलपुर से पीछे रहे। विदित हो कि सितंबर-अक्टूबर माह की जारी रैंकिंग में जबलपुर इंदौर, भोपाल को पछाड़ते हुए तीसरे नंबर था।

रैंकिंग में शहर को 84.5 फीसद अंक मिले : 20 जनवरी 2022 को जारी एक दिसंबर 2021 से 30 दिसंबर 2021 की निकायवार रैंकिंग में जबलपुर नगर निगम दो हजार 460 शिकायतों के निराकरण के साथ 84.5 फीसद अंक हासिल कर ए ग्रेड में रहा। जबलपुर को आठवां स्थान मिला। जबकि इंदौर तीन हजार 862 शिकायतों के निपटारने के साथ छठवें स्थान पर रहा। इंदौर को 85.2 फीसद अंक मिले। जबकि चार हजार 608 शिकायतें निपटा कर भोपाल ने नौंवा स्थान हासिल किया। भोपाल निकाय ने 84.5 फीसद अंक प्राप्त किए। जबकि रतलाम 656 शिकायतों का निराकरण 93.5 फीसद अंक हासिल कर पहले पायदान पर रहा।

सफाई, अतिक्रमण की सर्वाधिक शिकायतें : नगर निगम में सफाई न होने और अतिक्रमण की ज्यादातर शिकायतें पहुंचती हैं। नगर निगम में शिकायतों का जब निराकरण नहीं होता तो लोग सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर देते हैं। जिसमें सफाई न होने, अतिक्रमण किए जाने की शिकायतें सर्वाधिक रही।

इसलिए पिछड़े :

- तत्कालीन निगमायुक्त संदीप जीआर ने सीएम हेल्पलाइन में की गई शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई थी। जिसके कारण सितंबर अक्टूबर की रैंकिंग में जबलपुर तीसरे पायदान पर आ गया। लेकिन उनके तबादले के बाद नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी बेपरवाह हो गए। नतीजा हुए कि दिसंबर माह की रैंकिंग में जबलपुर छह पायदान तक खिसक गया।

ऐसा रही रैंकिंग

निकाय - अंक मिले - ग्रेडिंग

इंदौर - 85.23 - ए

जबलपुर - 84.58 - ए

भोपाल - 84.55 - ए

ग्वालियर - 83.05 - ए

Posted By: Brajesh Shukla

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