High Court Jabalpur : जबलपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि) ।हाई कोर्ट ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग ( ईडब्ल्यूएस) को 10 प्रतिशत आरक्षण के पक्ष व विपक्ष में दायर 63 याचिकाओं की सुनवाई 13 फरवरी के लिए बढ़ा दी है। सोमवार को राज्य शासन की ओर से अवगत कराया गया कि इस मामले में सरकार का पक्ष रखने सालिसिटर जनरल तुषार मेहता आएंगे। वहीं ओबीसी

एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिशन ने बताया कि उसकी ओर से प्रो. जी मोहन गोपाल पैरवी करेंगे। जबकि पटवारी चयन परीक्षा में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के विरुद्ध सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की ओर से दायर याचिका की सुनवाई 24 जनवरी को किए जाने की व्यवस्था दी गई है।

हाई कोर्ट में ओबीसी के विशेष अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर व विनायक प्रसाद शाह ने बताया कि हाई कोर्ट ने राज्य शासन को इन मामलों से जुड़े सुप्रीम कोर्ट में लंबित प्रकरणों की ताजा स्थिति पेश करने निर्देशित किया था। राज्य शासन ने यह कहते हुए दो सप्ताह की मोहलत मांग ली हैै कि अगली सुनवाई पर सालिसिटर जनरल खुद हाजिर होकर पक्ष रखेंगे।

सोमवार को मामले पर सुनवाई के दौरान प्रशासनिक न्यायाधीश शील नागू व न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह की युगलपीठ ने हाई कोर्ट द्वारा 2014 में पारित उस आदेश की प्रति पेश करने पर बल दिया, जिसके जरिये 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण निरस्त किया गया था। हाई कोर्ट के इस आदेश के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में जया ठाकुर ने विशेष अनुमति याचिका दायर की है।

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पटवारी मामले में आज सुनवाई :

जबलपुर निवासी शिवम शुक्ला ने याचिका दायर कर पटवारी व अन्य परीक्षाओं में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के रवैये को चुनौती दी है। इस याचिका की मंगलवार 24 जनवरी को सुनवाई होगी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंशुल तिवारी पैरवी करेंगे। उनका कहना है कि पिछले तीन वर्षों में हाई कोर्ट कई प्रकरणों में राज्य शासन को अंतरिम निर्देश दिए हैं कि ओबीसी को 27 नहीं बल्कि14 प्रतिशत आरक्षण ही दिया जाए। इसके बावजूद राज्य सरकार ने जनवरी में विज्ञापन जारी कर पटवारी समेत अन्य पदों पर होने वाली नियुक्तियों में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया है।

Posted By: Jitendra Richhariya

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