जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनधि। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर शनिवार को पुन: नगर निगम के ओबीसी वार्डों की आरक्षण प्रक्रिया निष्पादित की गई। मानस भवन मेंं आयोजित इस प्रक्रिया के दौरान नए सिरे से 64 वार्डों का चक्रानुक्रम के अनुसार आरक्षण किया गया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अपनाई गई नई व्यवस्था के अनुसार अन्य पिछड़ा वर्ग के वार्डों की संख्या पिछली बार की अपेक्षा एक बढ़कर 21 हो गई। इस तरह से अनारक्षित वर्ग की सीटें 44 से घटकर 43 हो गईं।

जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार 25 मई को संपन्न हुई आरक्षण की प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण रही, पाए जाने पर राज्य निर्वाचन आयोग ने उपरोक्त कार्रवाई को निरस्त करने के निर्देश दिए थे। इसी अनुक्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी ने 25 तारीख की प्रक्रिया काे निरस्त कर शनिवार को पुन: आरक्षण की प्रक्रिया आयोजित कराई। इस प्रक्रिया में नगर निगम जबलपुर के अवधारित वार्डों में से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के मुक्त एवं महिलाओं के लिए आरक्षित 15 वार्डों को यथावत रखा गया। जबकि अनारक्षित वार्डों एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित वार्डों में से रोटेशन के आधार पर अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित संख्या में वार्डों का और अनारक्षित महिला वार्डोंं का नए सिरे से आरक्षण किया गया।

ऐसे अपनाई गई प्रक्रिया

पिछले चुनाव के सामान्य वार्डों में से ओबीसी वर्ग के लिए 21 वार्डों का चुनाव लाटरी सिस्टम से किया गया। जबकि ओबीसी के पिछले बार के 20 वार्डों को अनारक्षित में मिला दिया गया। ओबीसी के लिए तय हुए 21 वार्डों में से लाटरी के माध्यम से ही 11 वार्ड ओबीसी महिला के लिए चुने गए। इसके बाद शेष रहे 30 वार्डों की पर्चियों में अनारक्षित महिलाओं के लिए 21 पर्चियां निकाली गईं। इस प्रकार से अनारक्षित मुक्त वार्डों की संख्या 22 तय हाे गई। इस पूरी प्रक्रिया में अनारक्षित महिलाओं के कोटे से एक सीट कम हो गई जबकि ओबीसी महिलाओं की सीट एक बढ़ गई।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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