जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कालेजों से अंक भेजने में लापरवाही विद्यार्थियों पर भारी पड़ रही है। समय पर आंतरिक मूल्यांकन और प्रायोगिक परीक्षा के अंक विश्वविद्यालय को नहीं देने के कारण उनके नतीजे घोषित करने में बिलंब हो रहा है। कई नतीजे सिर्फ इसी वजह से अटके हुए है इधर विद्यार्थी लगातार विश्वविद्यालय पर ठीकरा फोड़ते हैं।

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय 27 जनवरी से स्नातकोत्तर तृतीय सेमेस्टर के परीक्षा आयोजित कर रहा है। इससे पूर्व आंतरिक मूल्यांकन और प्रायोगिक परीक्षाओं के अंक को समय पर भेजने के लिए प्रशासन ने कालेजों को निर्देश दिए हुए है इसके बावजूद कालेजों की तरफ से अभी तक अंक नहीं भेजे गए है। कोरोना को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने आनलाइन भी अंक भेजने की सुविधा दी हुई है। अंक नहीं भेजने की वजह से रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय अब ऐसे कालेजों के छात्र-छात्राओं के परीक्षा परिणाम रोकने की तैयारी कर रहा है। इस संबंध में कालेजों को चेतावनी दी गई है। पिछले दिनों हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है। विश्वविद्यालय से संबंध शासकीय कालेजों के साथ ही अशासकीय कालेजों ने भी आनलाइन पोर्टल के माध्यम से अंकों की प्रविष्टि नहीं की गई है जिसके कारण परिणाम तैयार करने में अड़चने आ रही हैं। स्नातकोत्तर एमए, एमएससी, एमकाम, एमएस डब्ल्यू तृतीय सेमेस्टर के छात्र छात्राओं के प्रायोगिक अंक भेजे जाने थे। छात्रों के प्रायोगिक अंक एवं आंतरिक मूल्यांकन के अंक अब तक नहीं भेजे गए हैं। ऐसे में कालेजों में पढ़ने वाले 300 से अधिक छात्र-छात्राएं प्रभावित हो सकते हैं। परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर एनजी पेंडसे ने कहा कि परिणाम जारी होने में अड़चने खड़ी हैं। कालेजों को रिमाइंडर दिया है और उन्हें 25 जनवरी तक अनिवार्य रूप से आनलाइन अंकों की प्रविष्टि कराने के लिए कहा है। यदि कालेजों द्वारा निर्धारित समय पर नहीं भेजा जाता है तो संबंधित कालेज के छात्रों के परिणाम को जारी नहीं किया जाएगा। इसकी संपूर्ण जवाबदारी संबंधित कालेज की होगी।

Posted By: Brajesh Shukla

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