जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। अतिथि शिक्षकों को कम वेतन के जिम्मेदारी का बोझ किस कदर बढ़ाया जाता है इसकी नजीर जिला शिक्षा अधिकारी ने देखी। अतिथि शिक्षकों को हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ाने की जिम्मेदारी दे रखी थी। वहीं नियमित शिक्षक माध्यमिक कक्षाओं में अध्यापन का जिम्मा उठा रहे थे।यह देखकर जिला शिक्षा अधिकारी भी हैरान रह गए।

शासकीय हाई स्कूल तिलसानी में स्कूल प्रबंधन ने शिक्षकों की सुविधा अनुसार शिक्षण कार्य कराया जा रहा था। माध्यमिक शिक्षिका रंजना प्रजापति द्वारा कक्षा 6 से 8 की गणित का अध्यापन कराने जबकि अतिथि शिक्षिका सपना 9वीं एवं 10वीं में गणित का अध्यापन कराती हैं। नियमित शिक्षक होने के बाद भी इस तरह की व्यवस्था पर डीईओ धनश्याम सोनी ने नाराजगी दर्ज की।

उन्होंने इस व्यवस्था को बदलते हुए निर्देश दिए कि अतिथि शिक्षकों कक्षा 6वीं एवं 7वीं की गणित पढ़ाई जाए और नियमित शिक्षक शिक्षिका कक्षा 8, कक्षा 9 एवं कक्षा 10वीं की गणित पर पढ़ाए। यही व्यवस्था अन्य विषयों के लिए भी अपनाई जाएगी। बताया जाता है स्कूल प्रबंधन द्वारा शिक्षकों को सुविधा देने के लिए मनमर्जी से व्यवस्था चला रखी थी। जिस पर डीईओ ने कड़ा एतराज जताया और यही व्यवस्था अन्य विषयों के लिए भी अपनाने के सख्त निर्देश दिए। स्कूल न आने वाले बच्चों से संपर्क करने के निर्देश दिए। सेकेंड डोज तीन दिन मे लगवाएं

निरीक्षण के दौरा शिक्षकों को निर्देशित किया कि छात्रों के परिवार के 18 वर्ष से अधिक सदस्यों का दूसरा डोज लगवाने के लिए कहा जाए।

स्कूल के वक्त घूमने गए: हाई स्कूल बरखेड़ा के निरीक्षण के दौरान प्राचार्य सहित तीन शिक्षक शाला समय में शाला से बाहर मिले। माध्यमिक शिक्षक समनु सिंह कुंजाम अनुपस्थित पाए गए। कक्षा 9 में अध्यापन नहीं कराया जा रहा था। इस पर डीईओ ने कड़ी नाराजगी दर्ज करते हुए प्राचार्य को चेतावनी दी गई कि शाला समय में कोई भी शिक्षक बाहर रहता है और कक्षाएं नहीं लगती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

Posted By: Ravindra Suhane

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