Today in Jabalpur: जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर में आज कई धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रमों का सिलसिला बना रहेगा। हमारी आपको सलाह है कि आप कार्यक्रमों में उत्साह के साथ शामिल हों, लेकिन सावधानी भी रखें। अगर आपने कोरोना का टीका नहीं लगवाया है तो जरूर लगवाएं। घर से निकलें तो सावधानी जरूर रखें और गाइड लाइन का पालन करें, क्योंकि जीवन की सुरक्षा भी जरूरी है।

भूकंप के 25 वर्ष पूर्ण होने पर प्रैक्टिसिंग इंजीनियर एसोसिएशन द्वारा प्रतिवर्ष अनुसार भूकंप के प्रति जन जागरूकता के लिए सेमिनार आयोजित किया गया है। 21 मई शनिवार को दिन में 12 बजे से रानी दुर्गावती संग्रहालय स्थित कला वीथिका में आयोजित सेमीनार का विषय है भूकंप : यथार्थ और हमारे कर्तव्य सेमिनार के मुख्य अतिथि इंजीनियर ओपी श्रीवास्तव रिटायर्ड इंजीनियर- इन-चीफ इरिगेशन विभाग एवं विशिष्ट अतिथि एएस खान सीनियर जियोलाजिस्ट जीएसआई. जबलपुर होंगे। इस अवसर पर भूकंप जन जागरूकता को प्रदर्शित करते हुए छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई जाएगी। साथ ही भूकंप से सुरक्षित रहने के उपायों आधारित एक डाक्यूमेंटरी फिल्म भी दिखाई जाएगी।

श्रीकृष्ण भक्ति

आइए हम चलते हैं श्री गोपाल मंदिर घमापुर में यहां प्रतिदिन सुबह 7.30 बजे से सामूहिक देवपूजा कर भगवान की भक्ति की जाती है। मंदिर समिति द्वारा भगवान श्रीकृष्‍ण का नित्‍य पूजन किया जाता है। स्वामी कृष्ण राज आराध्य के नेतृत्व में यहां भगवान की सेवा करने की अलग ही परंपरा है।

गुप्तेश्वर महादेव की मंगला आरती

अगर आप शहर में हैं तो गुप्तेश्वर महादेव के दर्शन करने भी जा सकते हैं। यहां भोले नाथ की महिमा अपरंपार है। यहां सुबह से शाम तक अनवरत अभिषेक किया जाता है। यहां भोले बाबा पहाड़ पर प्राकृतिक गुफा में विराजे हैं, जिसका उल्‍लेख शिवपुराण में भी मिलता है। इस मंदिर की विशेषता यह है कि इसे रामेश्वरम का उपलिंग भी कहा जाता है। कई भक्त ऐसे हैं, जो प्रतिदिन अभिषेक और दर्शन करने पहुंचते हैं। यहां प्रतिदिन सुबह 8 बजे भगवान की मंगला आरती की जाती है।

गायत्री परिवार करता है प्रतिदिन यज्ञ

गायत्री परिवार को संस्कारों के लिए जाना जाता है। दमोह रोड स्थित मनमोहन नगर गायत्री शक्तिपीठ में सुबह से रात तक धार्मिक आयोजन होते हैं। यहां नियमित रूप से सुबह 8 बजे यज्ञ किया जाता है। इसके साथ ही मां गायत्री की आराधना की जाती है। शहर में इस मंदिर की स्‍थापना 40 वर्ष पहले आचार्य पंडित श्रीराम शर्मा ने की थी। अगर आप शहर में हैं तो यहां दर्शन करने के लिए पहुंचे आपको आनंद और आत्मिक सुख की प्राप्ति होगी।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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