जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सट्टेबाजी और सट्टे की वसूली के लिए धमकी देकर मकान व दुकान पर कब्जा करने के आरोपित खत्री बंधुओं को अग्रिम जमानत देने से इन्कार कर दिया। न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने संजय खत्री, दिलीप खत्री व विवेक खत्री की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी में कहा कि आरोप गंभीर हैं और मामले की समुचित जांच के लिए आवेदकों की गिरफ्तारी जरूरी है।

ओमती पुलिस ने फरियादी महानद्दा निवासी मनिंदर सिंह कंधारी की रिपोर्ट पर खत्री बंधुओं के खिलाफ अवैध वसूली और अवैध रूप से मकान-दुकान हड़पने की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था। इसके बाद से ही सभी फरार चल रहे हैं। जिला अदालत ने 15 जुलाई को सभी की अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त कर दी थी, जिसके बाद हाई कोर्ट में आवेदन पेश किया गया। आपत्तिकर्ता की ओर से अधिवक्ता निखिल तिवारी ने कोर्ट को बताया कि आरोपितों ने शिकायतकर्ता के पुत्र को जबरन क्रिकेट सट्टा खेलने मजबूर किया। जब वह हार गया तो उसकी वसूली के लिए मकान व दुकान पर अवैधानिक रूप से कब्जा कर लिया। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए चार-चार हजार रुपये का इनाम भी रखा है। वहीं आवेदकों की ओर से दलील दी गई कि शिकायतकर्ता ने रजिस्ट्रार के सामने ही सभी दस्तावेजों में हस्ताक्षर किए हैं उन्होंने कहा कि जमानत मिलने पर वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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