जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। बिजली उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाने की सौगात कंपनी दे रही है। इससे कंपनी को दफ्तर में बैठे-बैठे ही मीटर का डेटा तो मिल रहा है लेकिन उपभोक्ता को अभी तक स्मार्ट सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। मीटर स्मार्ट होने के बावजूद रीडिंग देखने का तरीका वर्षो पुराना है। उपभोक्ता को रियल टाइम अपनी रीडिंग की जानकारी नहीं मिल पा रही है जबकि उपभोक्ता को भी हर पल मोबाइल पर रीडिंग की जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अभी तक स्मार्ट एप ही तैयार नहीं किया है। कंपनी के आइटी विभाग का दावा है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मार्च 2022 से स्मार्ट मीटर लगना शुरू होगा उसी दौरान यह सुविधा भी मिलेगी।

स्मार्ट मीटर में क्या होना चाहिए : पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 9.50 लाख स्मार्ट मीटर आ रहे हैं। निविदा जारी हो चुकी है। मार्च 2022 से मीटर बदलना शुरू होंगे। फिलहाल बिजली कंपनी ने करीब 15 हजार उपभोक्ता जिनका लोड 10 किलोवाट से ज्यादा है वहां स्मार्ट मीटर लगाए है। यहां के उपभोक्ताओं की रीडिंग आटोमेटिक ही कंपनी के सर्वर में पहुंच जाती है। इसके लिए उपभोक्ता के परिसर तक जाना नहीं पड़ता है। जबकि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता को भी मोबाइल पर हर पल खपत और लोड की जानकारी मिलती चाहिए। इसके लिए एप बनाया जाना है जो अभी तक नहीं तैयार हो पाया है।

कैसा होगा एप : पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के स्मार्ट बिजली एप मे ही मीटर डेटा की सुविधा प्रदान की जाएगी। जिसमें उपभोक्ता पहुंचकर घर में लगे मीटर में रीडिंग, वर्तमान लोड जैसी जरूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं। उपभोक्ता को भी इसकी जानकारी के लिए मीटर तक पहुंचने की जरूरत नहीं होगी। इस संबंध में पूर्व क्षेत्र कंपनी के सीएसएंडए विपिन धगट ने बताया कि अभी पायलेट प्रोजेक्ट के तहत कुछ उपभोक्ता को ही स्मार्ट मीटर लगाया गया है। मार्च तक जब घरेलू उपभोक्ता के लिए स्मार्ट मीटर होंगे तब यह सुविधा उपलब्ध होगी। कंपनी स्तर पर इस इस सुविधा को उपलब्ध कराने के लिए काम हो रहा है।

स्मार्ट मीटर से ये बदलाव :

- स्मार्ट मीटर का पूरा कंट्रोल सेंट्रलाइज्ड होगा। कंपनी के अफसर दफ्तर में बैठे-बैठे हर समय उपभोक्ता के घर के मीटर का डाटा पढ़ पाएंगे। कितनी खपत हो रही है लोड क्या चल रहा है। सब कुछ। कितने वक्त बिजली की खपत कम हुई। किस वक्त कितने लोड पर मीटर दौड़ रहा है। ये सारा डाटा आनलाइन दिखाई देगा। उपभोक्ता के बिल नहीं जमा करने पर घर जाकर लाइन काटना नहीं पड़ेगा। दफ्तर से ही जब चाहे अफसर बिजली बंद और चालू कर पाएंगे।

- मीटर का पूरा हिसाब किताब कम्प्यूटर पर आनलाइन दिखाई देखा। प्री-पेड भुगतान का फार्मूला भी स्मार्ट मीटर में होगा। यानि मोबाइल रिचार्ज की तरह ही उपभोक्ता एडवांस राशि देकर बिजली का उपयोग करपाएंगे। जितनी राशि से मीटर रिचार्ज होने के बाद खुद ही सप्लाई बंद हो जाएगी।

एमडीएम में होगा सारा डेटा : बिजली उपभोक्ताओं का डेटा तैयार करने का जिम्मा पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के पास है। जो पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, मध्य क्षेत्र विद्युत विद्युत वितरण कंपनी के उपभोक्ताओं का भी डेटा तैयार करेंगी। मीटर डेटा मैनेजमेंट (एमडीएम) इसमें उपभोक्ता के घर लगे मीटर से जुड़ी सारी जानकारी कंपनी जुटाएगी। जिसके हिसाब से ही बिजली सप्लाई का संचालन किया जाएगा

ये होना है जल्द :

- पहले चरण में प्रदेश के 25 स्मार्ट मीटर आना है।

- साल 2027 तक हर उपभोक्ता के घर स्मार्ट मीटर कंपनी लगाने की तैयारी में है।

- 9.5 लाख मीटर पूर्व क्षेत्र कंपनी में लगने हैं।

- 15-15 मिनट की अवधि में स्मार्ट मीटर लोड, बिजली खपत और अन्य जानकारी कंपनी के पास भेजेंगा।

- रिचार्ज खत्म होने के 48-24 घंटे पहले मैसेज के जरिए जानकारी दी जाएगी।

Posted By: Brajesh Shukla

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