जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। हनुमानताल तालाब में बुधवार सुबह गौरेया सहित प्रवासी पक्षियों की मौत से हड़कंप मच गया। सुबह-सुबह सैर सपाटा करने वाले बड़ी संख्या में मृत पक्षियों को तालाब में उतराते देख लोग विचलित हो उठे। साथ ही तालाब से उठ रही दुर्गंध से आस-पास के रहवासी हलकान रहे। आनन-फानन क्षेत्रीय जनों ने वनविभाग को सूचना दी। सूचना पाकर पहुंचे वन विभाग के रेसक्यू दल ने मृत मिले पक्षियों के सेंपल लिए और वेटरनरी वाइल्ड लाइफ फोरेंसिक एंड हेल्थ सेंटर भिजवा दिए।

वन विभाग द्वारा ये भी पता लगाया जा रहा है कि आखिर पक्षियों की मौत की वजह क्या है? दो चार पक्षी मृत होते तो इसे ठंड या सामान्य मौत के तौर पर देखा जाता पर मृत पक्षियों की संख्या 100 से अधिक है। नाव से निकाले मृत पक्षी-शहर के बीचों बीच स्थित हनुमानताल तालाब में सुबह-सुबह तालाब का नजारा ये रहा कि तालाब में मृत पक्षी जहां उतराते रहे वहीं अप्रवासी सफेद पक्षियोंं के पंख पूरे तालाब में पड़े दिखे। वन विभाग की सूचना पर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी पहुंच गए और नाविकों की सहायता से मृत पक्षियों को निकाला गया। वन विभाग के रेसक्यू विभाग के गुलाब सिंह राजपूत ने बताया कि टीम ने सेंपल ले लिए हैं ताकि ये पता लगाया जा सके कि पक्षियों की मौत कैसे हुई है? जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

वर्षों से नहीं हुई तालाब की सफाई, मर चुकी मछलियांविदित हो कि हनुमानताल तालाब की सफाई वर्षों से नहीं हुई है। तालाब में गणेश व दुर्गा प्रतिमाओं के अलावा पूजन सामग्री विसर्जित की जाती है। इसके अलावा आस-पास के नागरिक भी तालाब को प्रदूषित करने से नहीं हिचकते। नतीजतन तालाब का पानी इतना प्रदूषित हो गया है कि छूने लायक भी नहीं बचा है। तालाब में बैक्टीरिया सहित अन्य हानिकारक तत्वों की मात्रा बहुत ज्यादा है। कुछ दिन पहले तालाब में बड़ी संख्या में मछलियां भी मृत मिली थीं।

इनका कहना है

हनुमानताल तालाब में मृत पक्षी पाए जाने की सूचना मिली थी। रेसक्यू दल ने सेंपल लेकर वेटरनरी जांच के लिए भेजें हैं। साथ ही ये पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर इसकी वजह क्या है? जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।अपूर्व शर्मा, रेंजर, वन विभाग

इनका कहना है

चार-पांच पक्षियों के सेंपल आए हैं। जांच कर पता लगाया जा रहा है कि पक्षियों के मौत की वजह क्या है।

डा शोभ जावरे, डायरेक्टर, स्कूल आफ वाइल्ड लाइफ फोरेंसिक एंड हेल्थ

Posted By: Rajnish Bajpai

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