जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में शहर को अव्वल लाने के लिए नगर निगम और स्मार्ट सिटी ने खूब जतन किए। पैसा और पसीना पानी की तरह बहाया। तत्कालीन कलेक्टर और निगमायुक्त भी सफाई व्यवस्था में कसावट लाने सुबह-सुबह गली-मोहल्लों का भ्रमण करते रहे। बावजूद जबलपुर को 20 वां स्थान ही मिला।

स्वच्छ सर्वेक्षण के जो नतीजे आए उसकी विवेचना करने पर ये स्पष्ट हो रहा है कि जिम्मेदारों ने अपने स्तर पर तो भरसक प्रयास किए, लेकिन इससे शहर की जनता को नहीं जोड़ पाए। जबकि जनता ही स्वच्छ सर्वेक्षण की रेकिंग की महत्वपूर्ण कड़ी है। जनता की राय से ही रेकिंग तय हुई है। स्वच्छ सर्वेक्षण के जो तीन महत्वपूर्ण घटक है उसमें सबसे अहम जनता की प्रतिक्रिया यानी सिटीजन वायस भी है। जिसमें 1800 अंक निर्धारित थे। लेकिन नागरिकों द्वारा सकारात्मक प्रतिक्रिया न दिए जाने से जबलपुर को 1800 में से 1389 अंक ही मिले। यानी शहर 411 अंकों से पिछड़ गया। क्योंकि शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर कब और किस तरह की प्रतिक्रिया नागरिकों को देनी थी जिम्मेदारों ने समय रहते बताया ही नहीं। हालांकि 2022 के लिए शुरू हो चुकी स्वच्छता की परीक्षा में नगर निगम के अधिकारी बेहतर प्रदर्शन का दावा कर रहे हैं।

इस तरह कबाड़े अंक: स्वच्छता की परीक्षा में एक-एक अंक महत्वपूर्ण होता है। ये गनीमत रही कि नगर निगम ने समाजिक संस्थाओं का सहयोग लिया और उन्होंने किसी तरह फार माय सिटी एप, स्वच्छता पोर्टल व फीडबैक के लिए जारी टोल फ्री नंबर पर शहर के बारे में साकारात्मक प्रतिक्रिया देकर 1800 में से 1389 अंक हासिल कर लिए। यदि ये तिकड़म भी नहीं भिड़ाई जाती तो शहर सिटीजन वायस में तय अंकों से भी हाथ धो बैठता।

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इंदौर 315 अंकों से रहा आगे: स्वच्छ सर्वेक्षण में सिटीजन वायस में इंदौर जबलपुर से महज 315 अंक से आगे रहा। इंदौर को 1800 में से 1704 अंक मिले थे। इंदौरियों ने अपने शहर की प्रतिक्रिया देने में दिलचस्पी ली और शहर को स्वच्छता के शिखर पर पहुंचाया। अधिकारी भी इस संबंध में नागरिकों से संवाद कर उन्हें जागरूक करते रहे।

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जबलपुर में नहीं उठाई जहमत: सिटीजन वायस में जनता को किस तरह से प्रतिक्रिया देनी है? ये बताने समझाने की जरूरत नहीं समझी गई। जिम्मेदारों ने न तो नागरिकों से संवाद कर उन्हें जागरूक किया और ही उन्हें इसके बारे में बताया। नतीजा ये हुआ कि जनता की प्रतिक्रिया में भी जबलपुर इंदौर से पिछड़ा रहा।

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पिछले तीन वर्षों में जबलपुर की गिरी रैंक-

- 2019 में 25वें स्थान पर रहा

- 2020 में 17वें रैंक हासिल की

-2021 में 20 वें स्थान पर आ गए

Posted By: Ravindra Suhane

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