जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल में विभिन्न अपराधों की सजा काट रहे 28 बंदियों को स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्‍य में रिहाई दी गई है। इसमें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 22 बंदियों तथा आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्‍य में पृथक से छोटी सजा वाले छह अन्य बंदियों को रिहा किया गया है। जेल से छूटने वाले बंदियों में एक महिला भी शामिल है। स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के पश्‍चात जैसे ही बंदियों की रिहाई हुई और वह अपने परिवार के लोगों के समक्ष पहुंचे तो उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। वर्षों बाद जेल की चारदीवारी से छूटने की खुशी बंदियों तथा उनके परिवार में साफ दिख रही थी।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल जबलपुर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर ने ध्वजारोहण कर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और परेड की सलामी ली एवं जेल अधिकारियों तथा बंदियों को संबोधित किया। कार्यक्रम में जेल उप अधीक्षक मदन कमलेश, सहायक जेल अधीक्षक राकेश मोहन उपाध्याय, श्रीकांत त्रिपाठी, रूपाली मिश्रा, कुलदीप सिंह ठाकुर, अंजू मिश्रा, हिमांशु तिवारी सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी एवं जेल के बंदी उपस्थित रहे।

वर्षों से था इस पल का इंतजार-

जेल से रिहा हुए बंदी मनोज गुप्ता ने बताया कि उसे वर्षों से इस पल का इंतजार था, कि कब वह जेल से छूट कर अपने परिवार से मिलेगा। वही नीलेश पटेल ने बताया कि जेल में सजा काटने के दौरान परिवार के सदस्यों की याद में कई बार दुख के कारण आंखें नम हो जाती थीं, लेकिन आज इन आंखों में खुशी के आंसू हैं। जेल से रिहा हुए एक अन्य बंदी राम सिंह का कहना था कि आज आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर उसे जेल की चारदीवारी से आजादी मिली है, इसलिए आज का दिन उसके जिंदगी में और महत्वपूर्ण हो गया है। यह दिन वह जिंदगी में कभी नहीं भूल सकता।

रिहाई वाले बंदियों के परिजन सुबह से पहुंच गए थे जेल-

आजादी के अमृत महोत्सव तथा स्वतंत्रता दिवस पर जिन बंदियों को जेल से रिहाई मिली है, उन बंदियों के परिजन सुबह से ही जेल परिसर पहुंच चुके थे| जिस कारण जेल गेट के सामने काफी भीड़ भाड़ हो चुकी थी| बाहर खड़े लोग जेल में बंद अपने परिवार के सदस्यों की रिहाई की प्रतीक्षा कर रहे थे और जैसे ही जेल के गेट खोले और बंदी रिहा को होकर बाहर आए, वैसे ही बाहर इंतजार कर रहे लोगों के मन में खुशी छा गई|

Posted By: tarunendra chauhan

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