जबलपुर, नईदुनयिा प्रतिनिधि। राइट टाउन स्थित आदिवासी कन्या छात्रावास की बाउंड्रीवाल सोमवार की दोपहर में ढह गई। गनीमत रही कि इस घटना के समय कोई भी छात्रा बाउंड्रीवाल के आस-पास नहीं रही। बाउंड्रीवाल के गिरने से छात्रावास में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा का संकट पैदा हो गया है।

कुछ महीने पूर्व ही अधारताल स्थित अनुसूचित जाति जनजाति के पोस्ट मैट्रिक छात्रावास की दीवार गिरने का मामला सामने आया था। इसको लेकर खूब हो-हल्ला मचा, लेकिन बहुत कुछ हुआ नहीं। ताजा मामला भी उसी तरह का है। छात्रावास में रहने वाली छात्राओं का कहना है कि पूरा छात्रावास जर्जर हो चुका है। यहां भी दिन कुछ न कुछ होता रहता है। दो दिन पहले ही यहां छज्जे का प्लास्टर गिरा था।

कोई कार्रवाई नहीं

उल्लेखनीय है कि शहर के तमाम जर्जर छात्रावास भवनों की जानकारी जिले के अधिकारियों से लेकर वल्लभ भवन तक है, लेकिन इन भवनों के संबंध में जमीनी स्तर पर कोई उचित कार्रवाई नहीं की जा सकी है। पुष्पा मरावी, रवीना चंदेल, नेहा तेकाम, वर्षा मरावी, पार्वती झारिया, मेनका धूमकेती, ज्योति कुलेश, सावित्री पंद्राम, कीर्ति झारिया, प्रियंका नागेश, शुभम चौधरी, महेश अहिरवार, सत्येंद्र झारिया, नीरज अहिरवार आदि का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी भी कार्रवाई के नाम पर झुनझुना ही पकड़ा रहे हैं। नतीजतन वो आज भी जर्जर भवनों में ही रहने मजबूर हैं। उनकी सुध न तो भोपाल में बैठे वरिष्ठ अधिकारी ले रहे हैं और न ही जिला प्रशासन।

बनवाने के दिए आदेश

इस मामले में आदिम जाति विभाग के सहायक आयुक्त मोहित भारती का कहना है कि बाउंड्रीवाल का उन्होंने निरीक्षण कर लिया है। उसे बनवाने के आदेश भी दे दिए गए हैं। जब तक बाउंड्रीवाल बनेगी तब तक के लिए संबंधित कन्या छात्रावास में फेंसिंग करा दी गई है। उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर छात्रावास की बाउंड्रीवाल बनकर तैयार हो जाएगी।

Posted By: tarunendra chauhan

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