जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। वर्ष 1999 में अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले बाबू नाटी के शातिर बेटा कांग्रेस नेता गज्जू उर्फ गजेन्द्र सोनकर के खिलाफ पुलिस ने 2006 में जुआ एक्ट का पहला प्रकरण दर्ज किया था। उस समय पुलिस ने सोचा भी नहीं होगा कि गज्जू शातिर फड़बाज बनने की तैयारी में जुटा है। बाबू नाटी के खिलाफ 1999 में जुआ एक्ट की पहली कार्रवाई की गई थी। गज्जू के भाई सोनू उर्फ महेन्द्र सोनकर ने वर्ष 2005 में अपराध की दुनिया में कदम रखा लेकिन जुआ का एक भी प्रकरण उसके खिलाफ दर्ज नहीं है। हालांकि पिता—पुत्रों का नाम कई गंभीर अपराधों में सामने आया जिसमें उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज कर कार्रवाई की कई। प्रभावी कार्रवाई के बाद पुलिस गज्जू व उसके परिवार के आय के स्रोतों की पतासाजी में जुट गई है। पुलिस को पता चला है कि आपराधिक गतिविधि के जरिए गज्जू व उसके परिवार ने करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है।

इस कार्रवाई से खत्म होगी अपराधियों की निर्भीकता: पुलिस सूत्रों का कहना है कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले गज्जू व उसके परिवार के खिलाफ पुलिस द्वारा की गई प्रभावी कार्रवाई से उन अपराधियों की निर्भीकता खत्म होगी जो बेखौफ होकर अपराध करते हैं। गज्जू के बारे में कहा जा रहा है कि वह भी निर्भीक होकर जुआ फड़ चलवा रहा था। सुरक्षा के लिहाज से वह लाइसेंसी व गैर लाइसेंसी हथियारों की खेप जमा करने लगा। पुलिस उसके जुआ फड़ पर कार्रवाई की योजना बनाती तो वह कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित करने की कोशिश में जुट जाता। उसने कई वर्दी वालों के खिलाफ कोर्ट में परिवाद लगाकर पुलिस पर ही शिकंजा कसना चाहा। उसकी इस हरकत से विभाग के जवान हतोत्साहित हो रहे थे। उस पर कार्रवाई करने वाले जवान को वह खुलेआम कोर्ट में घसीटने की धमकी देता था। उसकी धमकी से जवान इसलिए डरे सहमे रहते थे क्योंकि उस पर प्रभावी शिकंजा कसने का दमखम पूर्व में अधिकारी भी नहीं दिखा पाए। जिसके चलते गज्जू के हौसले बुलंद होते गए और बेखौफ होकर जुआ फड़ चलवाने लगा।

इधर, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा को जब गज्जू व उसके परिवार के सदस्यों की आपराधिक पृष्ठभूमि का पता चला तो उन्होंने प्रभावी कार्रवाई की योजना बना ली। उस पर कार्रवाई कर पुलिस टीम ने वर्दी पर लगे उसके नाम के धब्बे को भी मिटाने का प्रयास किया है। एसपी बहुगुणा ने रातों—रात पुलिस की कई टीमें गठित कर उसके घर पर रेड करवा दी। जहां जानलेवा हथियार जब्त हुए। कई जुआरियों को पकड़ा गया। लाखों रुपये नकद जब्त हुए। इस कार्रवाई में विभाग के कथित विभाषणों को दूर रखा गया था।

गज्जू के घर से जब्त हुए थे हथियार: पुलिस ने सात नवंबर को भानतलैया हनुमानताल स्थित गज्जू सोनकर के आलीशान मकान में दबिश दी थी। जहां राजकुमार उर्फ बाबूनाटी सोनकर, कांग्रेस नेता गज्जू उर्फ गजेन्द्र सोनकर पिता बाबू नाटी एवं सोनू उर्फ महेन्द्र सोनकर पिता बाबू नाटी के संयुक्त स्वामित्व व संरक्षण में चल रहे जुआ फड़ का पता चला। 41 जुआरियों को रंगे हाथ पकड़ा गया था। फड़ से 7 लाख 40 हजार रुपये जब्त किए गए थे। गज्जू के घर की तलाशी के दौरान 42 मोबाइल, 2 देशी कार्बाइन सहित 17 हथियार, 19 मैग्जीन, विभिन्न् बोर के 1478 राउंड जिंदा कारतूस, स्टील का फरसा, बका, खडग एवं जंगली जानवर की सींग के टुकड़े मिले थे। प्रकरण से जुड़े कई आरोपितों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।

Posted By: Ravindra Suhane

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस