जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि। देश के टेलीकॉम ट्रेनिंग का मुख्य सेंटर जबलपुर से छीन लिया गया है। इसे अब आंचलिक ट्रेनिंग सेंटर में तब्दील कर दिया गया है। करीब 150 साल पुराना भारत रत्न भीमराव आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेलीकॉम ट्रेनिंग तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान (टीटीसी) से चीफ जनरल ऑफिस को गाजियाबाद के एएलटीटीसी ले जाया जा चुका है। करीब 10 माह पहले ये सौगात जबलपुर से गई लेकिन यहां के नेताओं को इसकी भनक तक नहीं है।

क्या हुआ अभी

भारत रत्न भीमराव आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेलीकॉम ट्रेनिंग तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान (टीटीसी) देशभर के ट्रेनिंग संस्थान का प्रमुख दफ्तर था। यहां चीफ जनरल ऑफिस था। जो अब एडवांस लेवल ट्रेलीकम्युनिकेशन ट्रेनिंग सेंटर गाजियाबाद (एएलटीटीसी) चला गया है। यहां सिर्फ मुख्य महाप्रबंधक दफ्तर ही रह गया है।

कैसे हुआ खुलासा

नागरिक उपभोक्ता मागदर्शक मंच ने 1 जनवरी 2020 को प्रधानमंत्री कार्यालय नई दिल्ली और मप्र के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर टेलीकॉम क्षेत्र का जबलपुर में स्थित ऑल इंडिया ट्रेनिंग सेंटर को मुख्यालय स्थानांतरण की जानकारी चाही। डॉ.पीजी नाजपांडे ने बताया कि टीटीसी को आंचलिक प्रशिक्षण केंद्र बना दिया है जबकि पहले वह मुख्यालय था। उसका दर्जा घटा दिया है। वहीं दूसरा पत्र भारत रत्न भीमराव आंबेडकर टेलीकॉम ट्रेनिंग सेंटर से मिला है जिसमें 1 फरवरी 2020 से महाप्रबंधक यहां रहने की जानकारी दी।

अंग्रेजों के जमाने की संस्था

टीटीसी का इतिहास करीब 150 साल पुराना है। पिछले दिनों टीटीसी को एक निजी वेबसाइट के सर्वे में देश का सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण संस्थान का दर्जा भी मिल चुका है। इसमें न केवल तकनीकी बल्कि कला क्षेत्र के कई आयोजन हर साल होते रहे हैं। 1942 में ट्रेलीकॉम ट्रेनिंग सेंटर के रूप में काम शुरू हुआ। करीब 75 एकड़ का भव्य परिसर है। फिलहाल इसके चार हॉस्टल में धर्मशास्त्र नेशनल लॉ युनिवर्सिटी का कैम्पस संचालित हो रहा है। जबकि आवासीय परिसर अधिकारियों और कर्मचारियों को किराये पर दिये गये हैं।

इनका कहना है

जबलपुर से टीटीसी के तौर पर बड़ी विरासत थी। इसका मुख्यालय जाने को लेकर सांसद राकेश सिंह से चर्चा की गई थी। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि वो इस मामले में पहल कर रहे हैं। मैं दोबारा इस विषय पर उनसे बात करूंगा।

अशोक रोहाणी, कैंट विधायक

इस संबंध में पूर्व में राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा से बात हुई है वो प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में संगठन स्तर पर इस मुद्दे को उठाकर आगे की कार्रवाई करेंगे।

अभिषेक चौकसे, (चिंटू)उपाध्यक्ष कैंट बोर्ड

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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