सुरेंद्र दुबे, जबलपुर। संस्कारधानी के व्यस्ततम व्यापारिक क्षेत्र मुकादमगंज में पिछले 62 वर्ष से संचालित है- शुद्ध-शाकाहारी दिगम्बर रेस्टोरेंट, जिसकी खास पहचान हैं-शुद्ध घी के पराठे और दाल फ्राई, जिनका स्वाद खाने वालों को दीवाना कर देता है। संस्थापक स्व.फूलचंद जैन के बाद उनके पुत्र प्रकाशचंद्र जैन ने इस प्रतिष्ठान को आगे बढ़या। वर्तमान में तीसरी पीढ़ी के अमित जैन इस प्रतिष्ठान की प्रतिष्ठा को पूर्ववत कायम रखने की दिशा में 20 वर्ष से प्राणपण से सचेष्ट हैं।

मसाले, घी, दही व पनीर खुद के :

उन्होंने बताया कि पूर्वजों से मिली सीख को अंगीकार कर दिगम्बर रेस्टोरेंट के पकवानों में इस्तेमाल होने वाले मसाले, घी, दही व पनीर शुद्धतापूर्वक खुद तैयार किए जाते हैं। यही वजह है कि बाजार के प्रोडक्ट से बिल्कुल अलग स्वाद मिलता है। यहां फरमाइश के हिसाब से लहसुन-प्याज के बिना व इनके इस्तेमाल के साथ अलग-अलग भोजन तैयार किया जाता है। जब दाल फ्राई में शुद्ध घी का तड़का लगता है तो मुकादमगंज बाजार में सुगंध फैल जाती है। तंदूरी पराठा, सादा पराठा, लच्छा पराठा, पनीर पराठा,आलू पराठा पर शुद्ध घी की लेप लगते ही वातावरण में लज्जत की खुशबू फैल जाती है। पापड़ सादा, पापड़ फ्राई व सलाद के साथ इन्हें परोसा जाता है। तंदूरी रोटी व तंदूरी रोटी घी वाली जो एक बार खाता है, बार-बार खाने चला आता है।

खास तरीके से पकाई जाती है वेजिटेबल बिरयानी :

चावल फ्राई-घी जीरा और खिचड़ी लाजवाब होती है। वेजिटेबल बिरयानी को खास तरीके से पकाया जाता है, इसीलिए उसका जायका एकदम अलहदा होता है। यही वजह है कि अक्सर लोग खाने के बाद पैक कराकर ले जाते हैं। बैगन भर्ता फ्राई के साथ शुद्ध घी के पराठे या घी लगी तंदूरी रोटी खाने वाले बरबस ही वाह-वाह कह उठते हैं। यहां हाफ प्लेट का सिस्टम नहीं है, इसलिए लोग फुल प्लेट ही लेते और पूरा खाकर उंगलियां चाटते नजर आते हैं। फ्राई सब्जियां शुद्ध घी से और बिना प्याज-लहसुन के बनती हैं, जिन्हें जैन समाज सबसे अधिक पसंद करता है।

शुभारंभ के समय जैसा ही है भीतर का माहौल :

दिगम्बर रेस्टोरेंट में 62 वर्ष पहले जैसा भीतरी माहौल था, वैसा ही आज भी कायम है। सिर्फ कुर्सियों व टेबल को लकड़ी के स्थान पर आधुनिक कर दिया गया है। फ्लोरिंग भी समय के साथ बदलती पड़ी। जिन्होंने बचपन में यहां खाना खाया था, वे बड़े और बूढ़े होने के बाद भी दिगम्बर रेस्टोरेंट को स्वाद व सुविधा के मामले में जस का तस पाकर बेहद खुश होते हैं।

Posted By: Jitendra Richhariya

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