जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। अनुसूचित जाति-जनजाति एक्ट में संशोधन बर्दाश्त नहीं करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एक्ट में संशोधन होने से दलित समाज पर अत्याचार बढ़ेंगे। समाज के प्रमुख पदाधिकारियों ने सोमवार की दोपहर 1 बजे सिविक सेंटर में राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर यही मांग रखी।

एससी-एसटी समाज के सदस्य सुबह 10 बजे से बाबा आंबेडकर चौक में एकत्र होना शुरू हो गए। कुछ देर यहां नारेबाजी, सभा का दौर चला। इसके बाद आंबेडकर चौक से एससी-एसटी समाज के सदस्यों ने पैदल रैली प्रारंभ की। यह रैली कलेक्ट्रेट, पर्यटन निगम तिराहा, तैय्यबअली चौक, नौदरा ब्रिज, सिविक सेंटर, करमचंद चौक होते हुए दोपहर 1.30 बजे मालवीय चौक पहुंची।

जहां प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति समाज (दलित वर्ग) के सदस्यों पर होने वाले अत्याचार को रोकने संविधान के अनुसार अनुसूचित जाति-जनजाति निवारण अधिनियम 1989 बनाया गया। सुको ने इस अधिनियम में संशोधन के आदेश दिए हैं, जिसे तुरंत वापस लिया जाए।

स्कूली बच्चे हो गए कैद-

रैली कलेक्ट्रेट से तैय्यब अली चौक के लिए बढ़ी। इसी समय क्राइस्ट चर्च स्कूल भी छूटा। रैली की व्यवस्था देख रहे पुलिस अधिकारियों ने स्कूली बच्चों को किसी परेशानी से बचाने के लिए वापस अंदर भेज दिया। पुलिस ने क्राइस्ट चर्च स्कूल के गेट भी बंद करा दिए। रैली करीब आधा घंटे तक निकली। इस दौरान बच्चे स्कूल में ही कैद रहे।

रैली देखकर गिरे दुकानों के शटर-

तैय्यब अली चौक, नौदरा ब्रिज, सिविक सेंटर, मालवीय चौक की सभी दुकानें खुलीं रहीं। इन दुकानों के संचालकों ने रैली को आते देखा तो धड़ाधड़ शटर गिरा दिए। इस तरह यह बाजार डेढ़ घंटे बंद भी रहा।

रैली में ये हुए शामिल-

भारतीय बौद्ध महासभाः दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया ने रैली निकाली। इसमें प्रमोद डोंगरे, राजेश भोवरे आदि शामिल रहे।

निगम कर्मचारी परिषदः भारतीय मजदूर संघ के अनुसूचित जाति जनजाति के कर्मचारियों ने काम बंद कर जुलूस निकाला और एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। इस दौरान अमित मेहरा, अचैया कोरी आदि शामिल रहे।

अभा कांग्रेस कमेटीः अभा कांग्रेस कमेटी ने भानतलैया से सिविल लाइन तक रैली निकालकर कमिश्नर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में धर्मेन्द्र सोनकर, मोह. साबिर उस्मानी मौजूद रहे। इसी तरह नेता प्रतिपक्ष राजेश सोनकर, पार्षद नीतू तेजकुमार भगत आदि ने घमापुर चौक से सिविक सेंटर तक रैली निकाली।

जिला कांग्रेस कमेटीः राजेश चौधरी, राशिद सुहैल सिद्दीकी, लक्ष्मी बेन आदि ने रांझी से आंबेडकर चौक तक रैली निकाली।

संयुक्त बेन बंशकार समाजः राजेश सिंह, किशनलाल बेन, उत्तमचंद बेन आदि ने प्रदर्शन किया।

भारतीय सुदर्शन समाज महासंघः संगठन ने रैली निकालकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। प्रदर्शन में प्रसादी लाल बिरहा, श्याम नारायण बिरहा शामिल रहे।

समाजवादी मंचः संगठन के अध्यक्ष घनश्याम यादव, गोपाल पाली, विष्णु मलिक आदि ने कांचघर चौक से आंबेडकर चौक तक रैली निकाली।

बहुजन समाज पार्टीः रैली निकालकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें इंजी. कमलेश चौधरी, छोटेलाल चौधरी आदि शामिल रहे।

सद्गुरु रविदास आश्रमः अध्यक्ष टीकाराम रवि, लखनलाल चौधरी आदि ने रैली निकाली।

मप्र मूल निवासी महासंघः देवेश चौधरी, कौशल्या गोंटिया, पंकज भोज, आदि ने प्रदर्शन किया।

महादलित कर्ण विकास संस्थाः मुकेश गोंटिया, लक्ष्मण समुद्रे, प्रकाश अहिरवार ने प्रदर्शन किया।

अभा बाल्मीक समाज परिषदः सोमनाथ चौहान, राजेश खरा, दीपचंद गुहेरिया ने प्रदर्शन किया।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टीः गोहलपुर, ठक्करग्राम, मोहरिया में रैली निकाली। जिसमें रामरतन पारस, कृष्णा चौधरी आदि मौजूद रहे।

गढ़ा गोंडवाना संरक्षक संघः लालमाटी से गौर तक रैली निकाली। इसमें किशोरीलाल भलावी, प्रमोद मरावी आदि शामिल रहे।

आंबेडकर युवा ब्रिगेडः राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक चंदेल, शेख नारायण पाराशर, टिंकू मलिक, राकेश कलसिया आदि ने प्रदर्शन किया।

झारिया कल्याण संघः प्रदर्शन में अजय झारिया, मथुरा प्रसाद झारिया, धीरज लाल आदि शामिल रहे।