जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पनागर विकासखंड का ग्राम तिवारीखेड़ा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए पहले चरण के मतदान में स्याह धब्बा बनकर सामने आया। यहां वर्चस्व की लड़ाई के चलते हुए विवाद के बाद मतदान रोकना पड़ गया। बाद में जब पुनः मतदान प्रारंभ कराया गया तो वह रात करीब साढ़े दस बजे तक चला। इसके बाद ही वहां मतगणना का क्रम शुरू हो पाया। इस घटना की वजह से मतदान केंद्र पर देर रात तक जिले के आला अधिकारी डेरा डाले रहे।

बताया जाता है कि मतदान के दौरान पंच पदों के प्रत्याशी आपस में उलझ गए। उन्होंने मतदान प्रक्रिया को भी बाधित किया, जिसकी वजह से मतदान को काफी समय के लिए रोकना पड़ गया। इस घटना की वजह वर्चस्व की लड़ाई को माना जा रहा है। आम तौर पर पंच पद के लिए प्रत्याशी ही नहीं मिलते लेकिन यहां के कुछ वार्डों में दो-, तीन-तीन प्रत्याशी चुनाव मैदान मेन रहे। उनके बीच प्रतिस्पर्धा इतनी रही कि वो मरने-मारने पर उतारू हो गए। मतदान केंद्र पर हुए विवाद के बाद मतपेटियों को सुरक्षित रखने के लिए मतदान को रोकने की नौबत आ गई।

पहुंचे कलेक्टर-एसपी

इस घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर डा.इलैयाराजा टी, एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा, जिला पंचायत सीईओ सलोनी सिडाना, एडीएम नमः शिवाय अरजरिया सहित भारी मात्रा में पुलिस बल तिवारीखेड़ा पहुंच गया। हालात नियंत्रण में करने के बाद यहां मतदान का क्रम फिर शुरू किया गया। इस के बाद मतगणना शुरू हुई, जो देर रात तक चली।

मेरा पहला मतदान...मानो भाग्य लिख रही हूं

सिहोरा जनपद के बरगवां मतदान केंद्र पर पहली बार वोट डालने पहुंची स्वाति पटैल का कहना रहा कि वो मतदान को लेकर बहुत रोमांचित है। उसे लग रहा है कि आज से वो पूरी तरह देश की नागरिक हो गई है। उसे आज उनका भाग्य लिखने का मौका मिल रहा है जो देश का भाग्य लिखने वाले जनप्रतिनिधि कहलाते हैं। मेरी सभी मतदाताओं से अपील है कि वो अपने एक वोट का महत्व समझें और अनिवार्य रूप से मतदान करें।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close