जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े में फंसे जेल में बंद द बोर्ड आफ एजुकेशन चर्च आफ नार्थ इंडिया जबलपुर डायोसिस के पूर्व चेयरमैन व पूर्व बिशप पीसी सिंह की सोसायटी द्वारा संचालित दो स्कूलों को सरकार से अनुदान मिलता है। ईओडब्ल्यू की टीम उन दोनों स्कूलों के दस्तावेज खंगाल रही है। इससे पीसी सिंह एवं उसके करीबियों पर और शिकंजा कसा जा सके। ईडी भी अब इस मामले में पूरी तरह से जांच के लिए मैदान में आ चुकी है। दोनों जांच एजेंसियां पूर्व बिशप पीसी सिंह के काले कारनामों का खाका तैयार कर रही हैं, ताकि जब न्यायालय में चालान पेश किया जाए, तो पीसी सिंह के बचने का कोई रास्ता न रहे।

बताया जा रहा है कि सोसायटी द्वारा सतपुला में संचालित एक स्कूल और दमोह में संचालित एक स्कूल को सरकार द्वारा अनुदान दिए जाने के संबंध में जानकारी मिली है। जांच में तथ्यों के आधार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया जा सकता है। इधर, ईओडब्ल्यू की टीम ने सोसायटी के कोषाध्यक्ष क्लेमेन्स को तलब किया है। टीम उससे पीसी सिंह के बिशप और चेयरमैन बनने के बाद से अब तक किए गए एक-एक लेनदेन की जानकारी जुटाएगी। उसे सोमवार को दस्तावेजों के साथ ईओडब्ल्यू कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है।

प्राचार्यों को भी दस्तावेजों के साथ किया तलब

ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार कोषाध्यक्ष से पूछताछ में यह पता चल सकता है कि अब तक पीसी सिंह ने कितने बार में कुल कितनी रकम निकाली है। ईओडब्ल्यू की टीम ने सोसायटी द्वारा जबलपुर में संचालित दो और दमोह में संचालित एक और स्कूल के प्राचार्य को भी पूछताछ के लिए कार्यालय बुलाया है। सभी से संबंधित दस्तावेज भी लाने को बोला गया है।

बढ़ सकते हैं आरोपित

पूर्व बिशप के मामले में ईओडब्ल्यू द्वारा की जा रही जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। टीम को बिशप पीसी सिंह के अलावा उसके कई और करीबियों के खिलाफ मिलीभगत के सुराग मिले है, जिनकी तस्दीक टीम कर रही है। अब यह माना जा रहा है कि इस मामले में पीसी सिंह के अलावा और भी लोगों को आरोपित बनाया जा सकता है।

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