जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। चित्रांजलि का आयोजन जिस स्वरूप में दर्शित हो रहा है वह आत्मिक आनंद का विषय है। पिछले 23 वर्षों से वर्तमान तक चित्रांजलि की यात्रा लघुतर से विराट रूप ग्रहण कर चुकी है और इस 23 वें आयोजन के विजेताओं सहित आयोजन कर्ता भी बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने पूरे देश के छायाकारों के उत्तम चित्रों को सहेजा और शानदार आयोजन हमें देखने मिला।

यह बात स्व महेंद्र चौधरी की स्मृति में आयोजित 23 वें चित्रांजलि फेस्टिवल प्रतियोगिता में केंद्रीय जल शक्ति व खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री प्रह्लाद पटेल ने अपने संबोधन में कही। उन्होंने अपने उद्बोधन में आयोजन से जुड़े अनेक पहलुओं की चर्चा करते हुए स्व. महेंद्र चौधरी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला और आयोजन के अवसर पर तैयार काफ़ी टेबल बुक को महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया और कहा कि यह संसद के वाचनालय का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

मध्य यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष विनोद गोंटिया ने अपने उदबोधन में चित्रांजलि के आयोजन को अद्भुत और संस्कारधानी की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया,विजेताओं को शुभकामनाएं दीं और स्व. महेंद्र चौधरी व उनके परिवार से निकट संबंधों की चर्चा करते हुए कहा कि निश्चित तौर पर चौधरी परिवार भी बधाई का पात्र है।23 वें चित्रांजलि पुरस्कार वितरण में आये अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त फोटोग्राफर गुरदास दुआ ने कहा कि देश के 24 राज्य, 27 सौ फोटोग्राफर और 6500 से अधिक छायाचित्रों में से तीन सर्वश्रेष्ठ चित्रों का चयन बहुत दुरूह कार्य था परन्तु भाई हरि महीधर (मुम्बई),अनिल रसाल सिंह (लखनऊ) के सहयोग और उन्नत तकनीक का प्रयोग करते हुए पूर्ण किया गया.उन्होंने इस प्रदर्शनी को देश में अन्य स्थानों पर भी आयोजित किये जाने की बात भी कही। स्व. महेंद्र चौधरी से अपने निकट संबंधों की बात करते हुए श्री महीधर ने कहा कि यह आयोजन महेंद्र चौधरी को वास्तविक श्रद्धांजलि है। कार्यक्रम में उन पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने कोविड काल के दौरान पीड़ित मानवता की सेवा के लिए विशेष कार्य किए हैं।

Posted By: Ravindra Suhane

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