जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लाजिस्टिंग कार्पोरेशन के क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप बिसारिया की रिपोर्ट पर थाना विजय नगर में 11 आरोपितों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर में शामिल सुभी नाम ने नए विवाद हो जन्म दे दिया है। एफआइआर में आए इसी नाम के कारण हंगामा मच गया है। वेयर हाउस संचालकों का कहना है कि यह नाम आठ साल की बच्ची का है,जिसके खिलाफ गलत तरीके से एफआइआर दर्ज कर ली गई है। वहीं दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि एफआरआर दर्ज करते समय थाना प्रभारी संदीपिका ठाकुर के पूछने पर रिपोर्टकर्ता संदीप बिसारिया ने बताया है कि सुभी वेयर हाउस के संचालक को वह सुभी नाम से ही जानते हैं,दूसरा या असली नाम की जानकारी नहीं है, इसलिए एफआइआर में आरोपितों में सुभी नाम का उल्लेख किया गया है।

विजय नगर पुलिस ने बताया कि संदीप बिसारिया ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके कार्यालय में 24 सितंबर को सुबह करीब 11 बजे अपने कार्यालय में थे। तभी निजी वेयरहाउस संचालक सुशील शर्मा, आदेश तिवारी, संजीव उपाध्याय,वीरू पटेल,दिनेश पटेल,मनोज कोष्टा,भरत यादव,जयराम बटीजा, अभिजीत पांडे, सुभी व धनंजय राज व अन्य लोग कार्यालय में घुस आए थे। सभी ने वेयर हाउस संचालकों के खिलाफ की गई कार्रवाई का विरोध कर अभ्रदता की और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचा कर धमकी दी है। जिस पर सभी 11 आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।

वहीं दूसरी ओर वेयरहाउस एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि आरएम ने आठ साल की बच्ची के नाम झूठी एफआइआर में दर्ज कराई गई। वेयरहाउस संचालकों ने इसके खिलाफ नाराजगी बयां की और एसपी तथा कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन देकर मामले की जांच करने मांग की है। इधर, जिला प्रशासन ने जब इसकी जांच की तो पता चला कि वेयरहाउस संचालक ने अपनी बेटी सुभी के नाम पर वेयरहाउस का नाम रखा था, जिससे यह नाम एफआइआर में आया है।

यह है पूरा मामला-

शहपुरा ब्लाक में रघुवीर श्री वेयरहाउस में सर्चिंग के दौरान धान कम मात्रा में मिली थी। इसके बाद वेयरहाउस संचालक मुकेश सिंह के खिलाफ जांच शुरू हो गई,लेकिन संचालकों ने वेयरहाउसिंग कारपोरेशन के खिलाफ नाराजगी बयां की। उनका कहना था कि वेयरहाउस का काम केवल धान का संग्रहण करना है। अन्य चीजों की जिम्मेदारी वेयरहाउसिंग और जिम्मेदार विभाग की है। संचालकों ने इसके खिलाफ कलेक्टर इलैयाराजा टी से शिकायत की। इधर इस मामले की जिला प्रशासन ने जांच की तो पता चला कि इसमें बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई है, जिसमें कई वेयरहाउस संचालक शामिल हैं।

ऐसे हो रही गड़बड़ी-

सूत्रों के मुताबिक गोदाम में एक ट्रक भरकर रेत आती थी और फिर कुछ भरोसेमंद मजदूरों के साथ धान की बोरियों में रेत भरी जाती थी। इस दौरान ये मजदूर इस बात का खास ध्यान रखते थे कि जो धान निकाली जा रही है,उतनी ही मात्रा में रेत भरी जा। वहीं प्रशासन इस मामले की जांच में जुटी है। जांच के दौरान कई अहम जानकारी सामने आई है,जिसकी रिपोर्ट भोपाल भेजी जा रही है। इधर,कलेक्टर ने कहा कि वेयरहाउस से गायब 16 हजार धान की बोरियों की जांच की जाएगी और इसकी संचालक से रिकवरी भी होगी।

अब क्या होगा

- जबलपुर के सभी वेयरहाउस की नए सिरे से जांच होगी और वहां रखी धान की बोरियों को देखा जाएगा।

- कागजों पर दर्ज बोरियों की गोदाम में रखी बोरियों से क्रास चेक कराया जाएगा और रिकार्ड तैयार होगा।

- चोरी गई बोरियां कहां गई, जिसके पास पहुंचे, किस तरह से उनका परिवहन किया, इसकी जांच होगी।

- जरूरत पड़ने पर जिला प्रशासन वेयरहाउस में लगे सीसीटीवी की जांच करेगा, ताकि सच सामने आए।

वेयर हाउस संचालक जिस बच्ची का नाम एफआइआर में दर्ज करने की बात कर रहे हैं, उसके नाम पर वेयरहाउस है। वेयरहाउसिंग कारपोरेशन के एमडी ने जो शिकायत दी है, उसमें वेयरहाउस के नाम भी हैं। इधर वेयरहाउस से गायब धान की जांच की जा रही है। संचालक से इसकी रिकवरी भी की जाएगी।-इलैयाराजा टी, कलेक्टर

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एफआइआर दर्ज करते समय थाना प्रभारी द्वारा सुभी नाम के संबंध में रिपोर्टकर्ता संदीप बिसारिया से पूछा गया था कि यह कोई लड़की या महिला तो नहीं है। जिस पर संदीप ने बताया कि यह सुभी वेयरहाउस वाले हैं। हम उनको सुभी नाम से ही जानते हैं, इसलिए एफआइआर में सुभी नाम का उल्लेख किया गया है। प्रकरण में सभी आरोपित वयस्क पुरुष हैं। -तुषार सिंह, सीएसपी गढ़ा

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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