अतुल शुक्ला, जबलपुर। रीवा से लगे मुकुंदपुर के सफेद टाइगर को होने वाली बीमारी पर नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के विज्ञानी शोध करेंगे। वे टाइगर की बीमारियों को शोध कर इलाज भी खोजेंग। विश्वविद्यालय प्रशासन इसके लिए रीवा वेटरनरी कालेज में वाइल्ड लाइफ रिसर्च सेंटर शुरू करने जा रहा है, जहां पर वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट जबलपुर के वैज्ञानिकों की टीम इस पर अध्ययन करेंगी। हाल ही में विवि के कुलपति प्रो.एसपी तिवारी ने अपनी टीम के साथ मुकुंदपुर टाइगर सफाई को निरीक्षण करने के बाद यह निर्णय लिया।

दरअसल विवि के पास मध्यप्रदेश का पहला ऐसा वाइल्ड लाइफ सेंटर है, जहां न सिर्फ टाइगर-चीता बल्कि जंगली जानवारों के बाल से लेकर खाल तक से जुड़ी हर बीमारियों पर अध्ययन करने से लेकर उनका इलाज पर काम किया जा रहा है।

विवि के पास वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट की टीम

विवि के जबलपुर वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट के विज्ञानिकों को मध्यप्रदेश के नेशनल पार्क के जानवरों के इलाज में महारत हासिल है। यहां तक की इन जंगलों में जंगली जानवरों की बीमारियों को इलाज करने और शिकायर के दौरान जीवों की पहचान करने और शिकारियों तक पहुंचने में ये विज्ञानी मदद करते हैं। वाइल्ड लाइफ के विज्ञानी जंगली जीवों के बाल से भी उनकी पहचान कर सकते है। और डीएनए से बीमारियों को पता लगाकर उनका इलाज करते हैं। इन अनुभवी विज्ञानिकों की मदद विवि अब रीवा के मुकुंदपुर के वाइट टाइगर की उम्र बढ़ाने से लेकर उन्हें होने वाली बीमारियों और उसका इलाज पर शोध करेंगे।

सेटेलाइट सेंटर से मिलेगी मदद

जबलपुर वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट की मदद से रीवा कालेज में एक वाइल्ड लाइफ सेेटेलाइट सेंटर खोला जाएगा, जिसमें टीम तो विवि की होगी, लेकिन इसकी फंडिंग से लेकर इसे चलाने का काम वनविभाग करेगा। इसके लिए विवि जल्द ही मुकुंदपुर में वन विभाग के आला अधिकारियों के साथ बैठक करने जा रहा है। इस बैठक में विवि के वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट अपने काम और सफेद टाइगर को लेकर अब तक किए अध्ययन और शोध को प्रस्तुत करेगा।

यह मिलेगी मदद

- इस सेंटर से रीवा, सिंगरौली, सीधी समेत आसपास के जंगली जीवों का इलाज होगा

- यहां के जीवों के इलाज के लिए जबलपुर के वाइल्ड लाइफ सेंटर नहीं आना होगा।

- जंगली जीवों के शिकार को रोकने के लिए विवि प्रशासन मदद करेगा

- बाल और डीएनए से जुड़े नए शोध पर अध्ययन भी करेगा।

मुकुंदपुर का निरीक्षण किया है

वेटरनरी विश्वविद्यालय के वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट की मदद से रीवा वेटरनरी कालेज में वाइल्ड लाइफ का सेटेलाइट सेंटर खोला जाएगा। इसके लिए मैंने मुकुंदपुर का निरीक्षण किया है। जल्द ही यहां पर वन विभाग और वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों के साथ बैठक भी करने जा रहे हैं। जंगली जानवरों के इलाज की सुविधा इस सेंटर में ही मिल जाएगी। उन्हें जबलपुर नहीं आना होगा।-प्रो..एसपी तिवारी, कुलपति, नानाजीदेशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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