जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के सचिव चंपत राय मंगलवार को जबलपुर आए। उन्होंने अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के निर्माण के संबंध में जानकारी दी। चंपतराय ने कहा कि दिसंबर 2023 तक मंदिर में भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा हो जाएगी। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए भी मंदिर में प्रवेश शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी करीब 40 प्रतिशत मंदिर का निर्माण पूरा हो चुका है। चंपत राय होटल गुलजार में विश्व हिंदू परिषद की पत्रकारवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

चंपत राय ने कहा कि जमीन से करीब 15 मीटर नीचे खुदाई कर मंदिर का निर्माण हो रहा है। भूकंप के झटके भी मंदिर को नुकसान न पहुंचा सकें इसके लिए आइआइटी रुडकी के विज्ञानी सलाह दे रहे हैं। मंदिर निर्माण में विशालकाय पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है। गर्भगृह में राजस्थान के कोटा पत्थर लगाए जा रहे हैं। 14 फीट का परिक्रमा पथ होगा। पूरी अयोघ्या को एक बड़े स्तर कारीडोर बनाया जाएगा। मंदिर के अंदर वाल्मीकि, जटायु और निषादराज की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

चंपतराय ने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशा है कि दोपहर 12 बजे सूर्य की किरण्ों सीधे भगवान के मस्तिष्क पर आएं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आकाशीय गणना करने वाले विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है। उन्होंने इसमें सफलता की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक चरण में 25 हजार श्रद्धालु एक समय पर मंदिर में आ सकें, ऐसी व्यवस्था की जा रही है। पत्रकारवार्ता में प्रांत कार्यकारी अध्यक्ष भास्कर चौबे, प्रांत मंत्री उमेश मिश्र, प्रांत संगठन मंत्री सुरेंद्र, प्रांत सहमंत्री प्रदीप, विभाग मंत्री पंकज, प्रांत सह प्रचार नीलेश, विभाग प्रचार प्रमुख सुमित सिंह ठाकुर एवं विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के पदाधिकारी मौजूद रहे।

शंकराचार्य के स्वस्थ रहने की कामना

मंदिर निर्माण को लेकर द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की आपत्ति को लेकर चंपत राय ने कहा कि उनके विचारों को लेकर किसी तरह की टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती इस समय स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उन्होंने उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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