जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शहरी निवेश क्षेत्र बढ़ाने के लिए संयुक्त संचालक नगर एवं ग्राम निवेश कार्यालय (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) में दावे-आपत्तियों पर सुनवाई पूरी हो गई है। आखिरी दिन करीब 103 दावे-आपत्तियों पर संयुक्त संचालक नगर एवं ग्राम निवेश रविंद्र सिंह ने सुनवाई की गई। इस दौरान पनागर जनपद पंचायत के तहत आने वाले ग्राम बरोदा के ग्रामीण भी पहुंचे।

उन्होंने ये कहकर आपित्त दर्ज कराई कि बरोदा मुख्य मार्ग से करीब एक किमी दूर है। यहां के ग्रामीण कृषि भूमि पर ही आश्रित है। खेती कर अपनी आजीविका चला रहे हैं। यदि क्षेत्र को नगर निवेश क्षेत्र में शामिल कर लिया जाएगा तो किसानों की कृषि भूमि आवासीय व गैर आवासीय में बदल जाएगी। आपत्तिकर्ता राजेंद्र कुमार पटेल, प्रेमनारायण पटेल ने बरोदा ग्राम को निवेश क्षेत्र में शामिल न किए जाने का अनुरोध भी किया है। जबकि कुछ लोगों ने कृषि भूमि को आवासीय करने पर जोर दिया है।

62 गांव किए जा रहे शामिल: विदित हो कि 2021 के तहत लिए बनाया गया मास्टर प्लान अब समाप्त हो रहा है। अब 2035 तक के लिए जनसंख्या के हिसाब से तैयार किए गए मास्टर प्लान के ब्लूप्रिंट में निवेश क्षेत्र का दायरा बढ़ाने के लिए 62 गांव को शामिल किया जा रहा है। इसे लेकर अधिसूचना जारी कर दो दिन दावे-आपत्तियां बुलवाई गई थीं। इस दौरान 211 दावे-आपित्तयां पहुंची। जिस पर शुक्रवार को भी सुनवाई जारी रही। पहले दिन गुरूवार को 108 और शुक्रवार को शेष 103 दावे-आपत्ति पर सुनवाई हुई।

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अब आगे क्या-

1- दावे-आपत्तियों की सुनवाई के बाद ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। चार से छह माह के भीतर प्रक्रिया पूरी कर इसे सार्वजनिक किया जाएगा।

- ड्राफ्ट के सार्वजनिक होने के 30 दिन के भीतर पुन: दावे-आपत्तियां बुलाई जाएगी। प्राप्त दावे-आपत्ती पर सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, अधिकारियों की कमेटी सुनवाई करेगी।

- कमेटी दावे-आपत्तियों पर सुनवाई कर अनुशंसा सहित इसे संचालक नगर एवं ग्राम निवेश को भेजेगी। संचालक शासन को प्रेषित करेंगे। इसके बाद इसे अंतिम रूप देते ही 2035 के लिए मास्टर प्लान को लागू कर दिया जाएगा।

Posted By: Ravindra Suhane

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