जबलपुर। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में महिलाओं एवं 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भी हेलमेट अनिवार्य करने पर सहमति जाहिर की है। सरकार की तरफ से सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में पेश किए गए जवाब में हेलमेट की अनिवार्यता को सैद्धांतिक सहमति दी गई है। इस संबंध में जल्द ही मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन की संभावना है। सरकार की तरफ से जवाब पेश करने की मोहलत मांगी गई है। चीफ जस्टिस एके मित्तल व जस्टिस वीके शुक्ला की बेंच ने सरकार को 4 मार्च तक जवाब पेश करने का वक्त दिया है।

यह है मामला

भोपाल के विधि छात्र हिमांशु दीक्षित ने जनहित याचिका दायर कर मध्यप्रदेश मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन की मांग की। कहा गया कि इसके आर्टिकल 15 (1) और आर्टिकल 21 के तहत महिलाओं व बारह वर्ष से कम आयु के बच्चों को हेलमेट लगाना अनिवार्य नहीं है। इसकी वजह से प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान महिलाओं, बच्चों की मौत के आंकड़े कम नहीं हो रहे हैं। उनके लिए भी हेलमेट अनिवार्य होना चाहिए। सुरक्षा की दृष्टि से हेलमेट में छूट का प्रावधान सर्वथा अनुचित है।

याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि सरकार एक तरफ महिला सशक्तीकरण के दावे कर रही है। निःशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस बना रही है, लेकिन महिलाओं के लिए हेलमेट अनिवार्य न होने से सभी बातें खोखली साबित हो रही हैं। ऐसे में दिल्ली और चंडीगढ़ में अपनाए जा रहे मॉडल को अपनाना आवश्यक है। कोर्ट को बताया गया 2015 से 2019 तक 2142 सड़क हादसों में तकरीबन 580 महिलाओं की मौत हो चुकी है। 21 अक्टूबर 2019 को हाई कोर्ट ने मामले में प्रमुख सचिव परिवहन और विधि एवं विधायी कार्य विभाग को नोटिस जारी किए थे। सरकार की ओर से बताया गया कि इस एक्ट में बदलाव किया जा सकता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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