जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मर्तबान की खाड़ी के आसपास सक्रिय चक्रवातीय परिसंचरण के प्रभाव बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से मौसम बदल गया है। सुबह निकली धूप के बाद अचानक आसमान पर काली घटाएं छा गई। बादल भी मचलने को बेताब दिखे। लेकिन चंद बूंदाबादी कर शांत हो गए। वहीं मौसम विभाग ने शाम या रात तक जबलपुर सहित संभाग के जिलों में कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। फिलहाल सुबह से निकली तेज धूप के बाद छाए बादलों से लोगों को तीखी धूप से काफी हद तक राहत मिली है। बूंदाबादी और आस-पास हुई बारिश के बाद ठंडी हवा से सुकून मिल रहा हैं। मौसम विभाग की माने तो पश्चिम विक्षोभ के असर और मर्तबान की खाड़ी से मध्यप्रदेश तक बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से जबलपुर सहित आस-पास के जिलों में अनेक जगहों पर बौछारें पड़ने की संभावना है।

अब तक 25 इंच हुई बारिश : मानसून सीजन में इस बार अभी तक महज 25 इंच ही बारिश हो पाई है। जबकि पिछले सीजन में बारिश का आंकड़ा 42 इंच तक पहुंच गया था। मौसम विभाग के रिकार्ड में अभी तक 625 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई हैं वहीं पिछले वर्ष आज के दिन तक 1078 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी।

ऐसे बन रहे बारिश के आसार : मौसम विभाग की माने तो वर्तमान में निम्न दाब क्षेत्र के दुर्बल होने के बाद दक्षिणी छत्तीसगढ़ के ऊपर चक्रवातीय परिसंचरण अवस्थित है। जबकि तेलंगाना के साथ साथ दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर भी चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। मानसून ट्रफ जैसलमेर, चित्तौड़गढ़, टीकमगढ़, सीधी, अम्बिकापुर से होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। वहीं म्यांमार तट, मर्तबान की खाड़ी के आसपास सक्रिय चक्रवातीय परिसंचरण के प्रभाव निम्न दाब क्षेत्र विकसित होने की संभावना बनी हुई, जो 26 व 27 सितंबर को ओडि़शा तट तक पहुंच सकता है।

Posted By: Brajesh Shukla

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