जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पश्चिम मध्य रेलवे ने काेराेना काल के दौरान आइ आपदा से सीख लेकर न सिर्फ अपने काम को सुधारा, बल्कि आय के जरिए भी बढ़ाए। इसका फायदा यह हुआ कि पमरे, देश के अन्य रेलवे जोन में बेहतर काम कर ओवरआल चैम्पियन बन गया है। दरअसल रेलवे बोर्ड द्वारा दक्षता शील्ड-2022 का पुरस्कार में पश्चिम मध्य रेल के मैकेनिकल विभाग को व्यक्तिगत और तीन विभाग की सयुंक्त रूप से मिला। इतना ही नहीं इस बार रेलवे के राष्ट्रीय पुरस्कार में सबसे ज्यादा शील्ड पमरे ने अपने नाम किए। रेल मंत्रालय द्वारा रेलवे बोर्ड स्तर का 67 वें वार्षिक रेलवे राष्ट्रीय पुरस्कार 2022 घोषित हुए।

पश्चिम मध्य रेल को पांच दक्षता शील्ड मिली। पश्चिम मध्य रेलवे की स्थापना से लेकर अब तक दूसरी बार सबसे अधिक रेलवे राष्ट्रीय पुरस्कार मिले। इससे पूर्व 2015 में भी पांच दक्षता शील्ड अपने नाम की थी। पश्चिम मध्य रेल की इस उपलब्धि से जोन से लेकर जबलपुर, भोपाल और कोटा मंडल में खुशी की लहर है। महाप्रबंधक सुधीर कुमार गुप्ता, अपर महाप्रबंधक शोभन चौधुरी के मार्गदर्शन में यह उपलब्धि मिली।

यह मिली शील्ड

गोविन्द वल्लभ पंत शील्ड, रोलिंग स्टॉक शील्ड, व्यापक स्वास्थ देखभाल शील्ड, कार्मिक प्रबंधन शील्ड और बिक्री प्रंबधन शील्ड। इन सभी क्षेत्र में पमरे ने बेहतर काम किया और देश के सभी रेलवे जोन को पीछे छोड़ दिया। इसके साथ ही पश्चिम मध्य रेल के प्रमुख मुख्य भण्डार प्रबंधक के नेतृत्व में भण्डार विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य से अधिक बिक्री करके इस बार जमकर वाहवाही लुटी। इसमें मिलीे वाली शील्ड पमरे के भण्डार विभाग को सयुंक्त रूप से घोषित हुई है ।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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